पिता ने 4 मासूम बच्चों को कुएं में फेंका फिर खुद भी कूदकर दे दी जान

Must Read

Maharashtra: महाराष्ट्र में एक पिता के खौफनाक कदम से हड़कंप मच गया है. अहिल्यानगर में पिता ने पहले अपने चार मासूम बच्चों को कुएं में फेंका फिर, उसके बाद खुद भी कूदकर जान दे दी. इस सनसनीखेज घटना से पूरे गांव में मातम पसरा है. सूचना के बाद पुलिस ने शवों को कुएं से बाहर निकालवाया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा है. पुलिस को घटनास्थल से पिता की बाइक भी मिली है.

आखिर पिता को ऐसा खौफनाक कदम क्यों उठाना पड़ा?

पुलिस के अलावा गांव के लोगों में भी यह सवाल उठ रहा है कि आखिर पिता को ऐसा खौफनाक कदम क्यों उठाना पड़ा? पुलिस के मुताबिक 30 वर्षीय अरुण सुनील काले ने अपने चार बच्चों शिवानी (9), प्रेम (7), वीर (6) और कबीर (5) को एक- एक कर कुएं में धक्का दे दिया और फिर खुद भी कूद गया. आस- पास के लोगों का कहना है कि अरुण और उसकी पत्नी के बीच शनिवार सुबह किसी बात पर विवाद हुआ था.

पत्नी को मनाने उसके मायके चला गया

गुस्से में उसकी पत्नी मायके चली गई थी. अरुण बार- बार घर लौटने के लिए फोन करता रहा, लेकिन पत्नी ने उसके कॉल उठाने से इंकार कर दिया और बाद में उसे ब्लॉक भी कर दिया. पुलिस का कहना है कि अरुण ने बच्चों को स्कूल से बुलाया. बच्चों को कहा कि वह उन्हें बाल कटवाने ले जा रहा है. लेकिन, हकीकत में वह पत्नी को मनाने के लिए बच्चों को साथ लेकर उसके मायके गया. जब पत्नी ने मिलने से मना कर दिया तो गुस्से में उसने बच्चों को कुएं में फेंक दिया और खुदकुशी कर ली.

अपनी पत्नी के रवैये और घर लौटने के इनकार से बेहद परेशान था

घटना अहिल्यानगर जिले के कोरहाले गांव की है. पुलिस के प्रारंभिक जांच में यह पता चला है कि अरुण अपनी पत्नी के रवैये और घर लौटने के इनकार से बेहद परेशान था. उसकी पत्नी ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि अरुण ने पहले भी आत्महत्या की धमकी दी थी. फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है. क्या अरुण ने हत्या और आत्महत्या की योजना पहले से बनाई थी? या यह सब गुस्से और निराशा में लिया गया अचानक कदम था?  यह घटना न केवल गांव बल्कि पूरे महाराष्ट्र के लिए चुनौती बन गई है.

इसे भी पढें. Lucknow: बीजेपी नेता के बेटे ने स्कार्पियो से दस लोगों को रौंदा, तीन की हालत गंभीर

Latest News

Mukesh Ambani ने लॉन्च किया अरुंधती भट्टाचार्य की आत्मकथा ‘अपराजिता’ का हिंदी संस्करण, कामकाजी महिलाओं के लिए इकोसिस्टम बनाने की अपील

मुंबई में मुकेश अंबानी ने SBI की पूर्व चेयरपर्सन अरुंधती भट्टाचार्य की आत्मकथा ‘इंडोमिटेबल’ के हिंदी संस्करण ‘अपराजिता’ का लोकार्पण किया. इस दौरान उन्होंने महिला नेतृत्व, Emotional Quotient और कामकाजी महिलाओं व माताओं के लिए मजबूत इकोसिस्टम बनाने पर जोर दिया.

More Articles Like This