BRICS Summit 2026: भारत की तकनीकी क्षमता और स्टार्टअप इकोसिस्टम को वैश्विक मंच पर पेश करने के लिए नई दिल्ली में एक बड़ा आयोजन शुरू हो गया है. 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले शुक्रवार को भारत मंडपम में दो दिवसीय ‘ब्रिक्स भारत इनोवेट्स एक्सपो 2026’ की शुरुआत हुई. इस प्रदर्शनी में देश की डीप-टेक क्षमता, शोध और उच्च शिक्षा संस्थानों से जुड़े स्टार्टअप्स अपने नए तकनीकी नवाचारों का प्रदर्शन कर रहे हैं.
यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है, जब भारत 2026 में ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है. एक्सपो का मकसद सिर्फ भारतीय तकनीक को प्रदर्शित करना नहीं है, बल्कि देश के स्टार्टअप्स और शोध संस्थानों को दुनिया के निवेशकों, उद्योगों और विश्वविद्यालयों से जोड़ना भी है. इससे भारतीय कंपनियों के लिए नए निवेश, तकनीकी सहयोग और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पहुंच के रास्ते खुल सकते हैं.
शिक्षा मंत्रालय ने विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर किया आयोजन
ब्रिक्स भारत इनोवेट्स एक्सपो का आयोजन शिक्षा मंत्रालय ने विदेश मंत्रालय के समन्वय से किया है. इसके जरिए भारतीय उच्च शिक्षा संस्थानों से विकसित तकनीकी नवाचारों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की कोशिश की जा रही है. एक्सपो में स्टार्टअप्स के साथ उच्च शिक्षा संस्थान, शोध प्रयोगशालाएं और रिसर्च पार्क भी हिस्सा ले रहे हैं. इन्हें वैश्विक उद्योग जगत, निवेशकों, विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संस्थानों, सरकारों और प्रवासी भारतीय नेटवर्क से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
37 डीप-टेक स्टार्टअप्स पेश कर रहे अपनी तकनीक
ब्रिक्स भारत इनोवेट्स एक्सपो इस साल भारत की दूसरी बड़ी डीप-टेक प्रदर्शनी है. इससे पहले जून 2026 में फ्रांस के नीस शहर में पहली बार भारत इनोवेट्स कार्यक्रम आयोजित किया गया था. नीस में हिस्सा लेने वाले 120 स्टार्टअप्स में से चुने गए 37 डीप-टेक स्टार्टअप्स अब ब्रिक्स मंच पर अपनी तकनीक और नए प्रयोगों को दुनिया के सामने रख रहे हैं. इन स्टार्टअप्स के लिए यह एक्सपो खास है, क्योंकि यहां उन्हें अपने नवाचारों को संभावित निवेशकों और अंतरराष्ट्रीय उद्योग प्रतिनिधियों के सामने पेश करने का मौका मिल रहा है.
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता की थीम से जुड़ा आयोजन
यह एक्सपो भारत की 2026 की ब्रिक्स अध्यक्षता की थीम “लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण” के अनुरूप आयोजित किया जा रहा है. इसका फोकस भारत के शोध और नवाचार को अंतरराष्ट्रीय सहयोग से जोड़ने के साथ-साथ ऐसे स्टार्टअप्स को आगे बढ़ाना है, जो नई तकनीक के जरिए भविष्य की चुनौतियों के समाधान तैयार कर रहे हैं.
बिजनेस फोरम के साथ मिलेगा बड़ा कारोबारी मंच
ब्रिक्स भारत इनोवेट्स एक्सपो का आयोजन शुक्रवार को ब्रिक्स बिजनेस फोरम के साथ किया गया है. इससे भारतीय स्टार्टअप्स को ब्रिक्स देशों के प्रमुख कारोबारी नेताओं, निवेशकों, उद्योग प्रतिनिधियों और कंपनियों के साथ सीधे बातचीत का मौका मिलेगा. इस दौरान बी2बी साझेदारी, तकनीकी सहयोग, निवेश और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विस्तार से जुड़ी संभावनाओं पर बातचीत हो सकती है. यानी स्टार्टअप्स के लिए यह सिर्फ अपनी तकनीक दिखाने का मंच नहीं, बल्कि संभावित कारोबारी साझेदार तलाशने का भी अवसर है.
भारतीय स्टार्टअप्स को मिलेंगे कई बड़े मौके
शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस एक्सपो से भारतीय स्टार्टअप्स को ब्रिक्स देशों के निवेशकों और उद्योग जगत तक सीधी पहुंच बनाने का अवसर मिलेगा. इसके अलावा उन्हें राष्ट्राध्यक्षों और सरकार प्रमुखों के स्तर पर भी दृश्यता मिल सकती है. एफआईसीसीआई, सीआईआई और एसोचैम के सहयोग से बी2बी बैठकों और व्यवस्थित कारोबारी संपर्क की व्यवस्था भी की जा रही है. इससे भारतीय स्टार्टअप्स को वैश्विक बाजार में अपनी पहचान और विश्वसनीयता मजबूत करने में मदद मिल सकती है.
प्रधानमंत्री समेत बड़े नेताओं के आने की संभावना
ब्रिक्स भारत इनोवेट्स एक्सपो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी और ब्रिक्स देशों के शीर्ष नेताओं के दौरे की संभावना है. इसके अलावा सदस्य देशों के वरिष्ठ प्रतिनिधि, निवेशक, उद्योगपति और कारोबारी नेता भी प्रदर्शनी में शामिल होंगे. ऐसे में भारतीय स्टार्टअप्स को अपने उत्पाद और तकनीकी समाधान सीधे देश और विदेश के बड़े निर्णयकर्ताओं के सामने रखने का महत्वपूर्ण अवसर मिल रहा है.
शिक्षा के क्षेत्र में भी भारत ने बढ़ाया सहयोग
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में भी कई अहम पहल की गई हैं. 5 अगस्त को ओडिशा के भुवनेश्वर में तीसरी ब्रिक्स वरिष्ठ शिक्षा अधिकारियों की बैठक आयोजित हुई थी. इसके बाद 7 अगस्त को 13वीं ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों की बैठक हुई. इस बैठक में शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग को लेकर घोषणा-पत्र अपनाया गया. इस घोषणा-पत्र में पांच प्रमुख क्षेत्रों पर सहयोग को प्राथमिकता दी गई.
इनमें प्रारंभिक बाल शिक्षा और आधारभूत साक्षरता, कौशल विकास एवं व्यावसायिक शिक्षा, अनुसंधान-नवाचार एवं स्टार्टअप इकोसिस्टम, योग्यताओं की पारस्परिक मान्यता तथा शैक्षणिक नेतृत्व और संस्थागत क्षमता निर्माण शामिल हैं. ब्रिक्स भारत इनोवेट्स एक्सपो इसी व्यापक प्रयास का हिस्सा है, जिसके जरिए भारत अपने उच्च शिक्षा संस्थानों, शोध क्षमता और स्टार्टअप इकोसिस्टम को अंतरराष्ट्रीय सहयोग से जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ रहा है.
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