Spy Pigeon: आठ महीने बाद कैसे ‘रिहा’ हुआ ताइवानी कबूतर, पंखों के नीचे लिखा था चीनी संदेश!

Ujjwal Kumar Rai
Chief Sub Editor The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Spy Pigeon: मुंबई पुलिस के लिए आठ माह से एक कबूतर पड़ताल का विषय बना हुआ था. उस कबूतर के चीनी जासूस होने के संदेह था. इस मामले में बाकायदा कबूतर पर केस दर्ज कर मामले की पड़ताल की गई. हालांकि, जांच में जासूसी जैसी कोई बात सामने नहीं आई. इसके बाद पुलिस ने कबूतर को रिहा कर दिया है.

किसने मांगी कबूतर को छोड़ने की अनुमति
इस मामले में पुलिस अधिकारी ने 31 जनवरी आज बुधवार को जानकारी दी. उन्होंने बताया कि कबूतर को पशु चिकित्सालय में रखा गया था. दरअसल, इस मामले में आरसीएफ पुलिस स्टेशन के पुलिस अधिकारी ने जानकारी दी. उन्होंने बताया कि परेल इलाके में बाई सकरबाई दिनशॉ पेटिट पशु चिकित्सालय ने बीते 29 जनवरी को पुलिस से पकड़े गए कबूतर को छोड़ने की अनुमति मांगी थी. इसके बाद उसे मंगलवार को छोड़ दिया गया.

पंखों के नीचे लिखा था संदेश
जानकारी के मुताबिक आरसीएफ पुलिस ने इस कबूतर को बीते साल मई 2023 में चेंबूर के उपनगरीय इलाके में पकड़ा था. पुलिस की मानें, तो कबूतर के पैर में दो छल्ले बंधे थे. इसमें एक छल्ले तांबे का और दूसरा एल्यूमीनियम का था. इतना ही नहीं उसके पंखों के नीचे भी कुछ चीनी जैसी लिपि में संदेश लिखा था. इसके बाद आरसीएफ पुलिस ने मामला दर्ज कराया था.

जानिए कब और कैसे हटा जासूसी का आरोप
आपको बता दें कि इस मामले की जांच पूरी होने के बाद जासूसी का आरोप हटा लिए गए. मामले में जानकारी देते हुए एक अधिकारी ने बताया कि ये कबूतर ताइवान में ‘रेसिंग’ में भाग लेता था. ऐसे ही एक खेल के दौरान वह उड़ा और भारत पहुंच गया. वहीं, जांच के बाद पुलिस से मंजूरी मिलने पर अस्पताल ने उसे छोड़ दिया. अधिकारी ने बताया कि पक्षी की मेडिकल कंडीशन ठीक है.

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