Patna: पूर्व केंद्रीय मंत्री पद्मभूषण डॉ. सी. पी. ठाकुर के नेतृत्व में पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने राजभवन पहुंचकर महामहिम राज्यपाल सह कुलाधिपति से शिष्टाचार मुलाकात की. इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मुंगेर विश्वविद्यालय का नामकरण आधुनिक बिहार के निर्माता ‘बिहार केसरी’ डॉ. श्रीकृष्ण सिंह (श्री बाबू) के नाम पर करने तथा राज्य की उच्च शिक्षा व्यवस्था में गुणात्मक व संरचनात्मक सुधार को लेकर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा.
प्रतिनिधिमंडल में कौन-कौन रहे शामिल
प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ भाजपा नेता दीपक ठाकुर, भाजपा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सौरभ कुमार, प्रख्यात चिकित्सक डॉ. हर्षवर्धन और जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के वरिष्ठ नेता डॉ. राहुल परमार प्रमुख रूप से शामिल थे.
श्री बाबू के नाम पर विश्वविद्यालय रखने की मांग
राज्यपाल को सौंपे ज्ञापन में डॉ. सीपी ठाकुर ने कहा कि मुंगेर श्री बाबू की कर्मभूमि, विचार-पीठ और आत्मा रहा है. खड़कपुर विधानसभा से उनका आत्मीय नाता रहा. उन्होंने जमींदारी उन्मूलन और देवघर मंदिर में वंचितों को प्रवेश दिलाकर सामाजिक समरसता की ऐतिहासिक मिसाल पेश की थी. ऐसे में विश्वविद्यालय का नाम उनके नाम पर होना नई पीढ़ी को उनके आदर्शों से जोड़ेगा.
उच्च शिक्षा व्यवस्था में सुधार पर जोर
इसके साथ ही ज्ञापन में उच्च शिक्षा सुधार पर जोर देते हुए मांग की गई कि कक्षाओं में छात्रों की कम से कम 50 प्रतिशत भौतिक उपस्थिति को कड़ाई से अनिवार्य किया जाए, ताकि पठन-पाठन सार्थक हो सके. साथ ही, नवनियुक्त लाइब्रेरियन व्यवस्था का सदुपयोग करते हुए विश्वविद्यालय व कॉलेजों के समृद्ध पुस्तकालयों को पूरी तरह सक्रिय किया जाए, जिससे विद्यार्थियों में संदर्भ ग्रंथों के अध्ययन और शोधोन्मुख स्वाध्याय की संस्कृति मजबूत हो. महामहिम राज्यपाल ने सभी बिंदुओं पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए आवश्यक पहल का सकारात्मक आश्वासन दिया.