भारत में नहीं बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम! देश की कूटनीतिक सूझबूझ से मिली महंगाई से राहत

New Delhi: पश्चिम एशिया में सुलगती जंग की लपटों के बीच भारत में तेल और गैस की कीमतों में फिलहाल कोई बढ़ोतरी नहीं की जाएगी. भारतीय रसोई और गाड़ियों की रफ़्तार पर इसका कोई ब्रेक नहीं लगेगा. भारत ने कूटनीतिक सूझबूझ दिखाते हुए अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए किसी एक देश पर निर्भरता खत्म कर दी है. कतर द्वारा गैस उत्पादन बंद करने के फैसले से जो रिक्तता आई है, उसे भरने के लिए ऑस्ट्रेलिया और कनाडा ने हाथ आगे बढ़ाया है.

रूस से कच्चे तेल का आयात पहले ही बढ़ा

पेट्रोलियम मंत्रालय ने रणनीतिक बदलाव करते हुए अब अमेरिका से भी करीब 10 फीसदी एलपीजी लेना शुरू कर दिया है, जबकि रूस से कच्चे तेल का आयात पहले ही बढ़ा दिया गया है. सरकार का भरोसा है कि अगर ओपेक देशों से सप्लाई में बाधा आती है, तो भी हमारे पास नए और सुरक्षित बाजार मौजूद हैं.

भारत के पास 50 दिनों का इमरजेंसी कोटा उपलब्ध

देशवासियों को आश्वस्त करते हुए अधिकारियों ने बताया कि भारत के पास वर्तमान में लगभग 50 दिनों का इमरजेंसी कोटा उपलब्ध है. इसमें 25 दिनों की जरूरत का कच्चा तेल और अगले 25 दिनों के लिए पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक शामिल है. होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे संवेदनशील समुद्री रास्तों से होने वाले 40 फीसदी व्यापार पर नजर रखते हुए भारत ने बाकी 60 फीसदी आयात को वैकल्पिक और सुरक्षित रास्तों पर शिफ्ट कर दिया है.

सप्लाई की कमी का कोई असर नहीं

राहत की सबसे बड़ी बात यह है कि घरेलू PNG और CNG ग्राहकों पर सप्लाई की कमी का कोई असर नहीं पड़ेगा. सरकार की प्राथमिकता आम उपभोक्ता हैं. अगर भविष्य में किल्लत बढ़ती भी है तो उद्योगों को वैकल्पिक संसाधनों का रुख करने को कहा जा सकता है ताकि आम आदमी की जेब सुरक्षित रहे.

सुरक्षित सप्लाई के लिए बातचीत के दरवाजे खुले

जानकारों का मानना है कि युद्ध की स्थिति में तेल भले ही 90 डॉलर तक पहुंच जाए, लेकिन तनाव कम होते ही बाजार में कच्चे तेल की भारी उपलब्धता कीमतों को दोबारा नीचे ले आएगी. फिलहाल, भारत ने अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसियों और अमेरिकी संगठनों से सस्ते बीमा और सुरक्षित सप्लाई के लिए बातचीत के दरवाजे खुले रखे हैं.

इसे भी पढ़ें. Bharat Express 3rd Anniversary: तीसरी सालगिरह पर 9 मार्च को मेगा कॉन्क्लेव, देशभर के दिग्गज होंगे शामिल

Latest News

सेल्फी और सैर-सपाटा कर लौटते समय ईरानी नौसैनिकों के युद्धपोत पर हमला, अमेरिका ने IRIS Dena को बनाया निशाना

Iran warship attack: कब किसे क्‍या हो जाए कुछ नहीं कहा जा सकता है. ऐसा ही कुछ ईरानी नौसैनिकों...

More Articles Like This

Exit mobile version