PM Modi leaves for Malaysia: शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मलेशिया के दो दिवसीय दौरे पर रवाना हो गए. मलेशिया रवाना होने से पहले उन्होंने कहा कि भारत मलेशिया के साथ रक्षा एवं सुरक्षा संबंधों को मजबूत करने तथा आर्थिक और नवोन्मेष के क्षेत्र में साझेदारी को बढ़ाने पर विचार कर रहा है.
पीएम मोदी ने कहा, ”भारत और मलेशिया के बीच ऐतिहासिक संबंधों में हाल के वर्षों में निरंतर प्रगति हुई है.” प्रधानमंत्री ने कहा, ”मैं प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ अपनी चर्चाओं और हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने को लेकर उत्साहित हूं.” पीएम मोदी ने कहा, ”हमारा लक्ष्य अपने रक्षा और सुरक्षा संबंधों को गहरा करना, अपनी आर्थिक और नवाचार साझेदारी को बढ़ाना तथा नए क्षेत्रों में अपने सहयोग का विस्तार करना है.”
क्यों खास है पीएम मोदी का यह दौरा?
पीएम मोदी के इस दौरे का मकसद व्यापार, निवेश, ऊर्जा और समुद्री सुरक्षा के क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है. प्रधानमंत्री की यह मलेशिया की तीसरी यात्रा है. अगस्त 2024 में भारत-मलेशिया द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी में बदले जाने के बाद यह उनकी पहली यात्रा है.
पीएम मोदी इस दौरान मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे. वे भारतीय समुदाय के सदस्यों के साथ-साथ उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से भी संवाद करेंगे. पीएम मोदी की यात्रा के दौरान 10वां भारत-मलेशिया सीईओ मंच भी आयोजित होगा.
विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, भारत और मलेशिया के बीच ऐतिहासिक, सभ्यतागत और सांस्कृतिक संबंधों पर आधारित पुराने संबंध हैं. मलेशिया में 29 लाख भारतीय समुदाय की मौजूदगी से यह रिश्ता और मजबूत होता है, जो दुनिया में भारतीय समुदाय की तीसरी सबसे बड़ी मौजदूगी है.
मलेशिया में भारत के उच्चायुक्त ने बताया
समाचार एजेंसी ANI से बात करते हुए मलेशिया में भारत के उच्चायुक्त बी.एन. रेड्डी ने इस रणनीतिक साझेदारी के भविष्य पर विस्तार से चर्चा की. उन्होंने बताया कि भारत के ‘महासागर’ विजन और व्यापक इंडो-पैसिफिक विजन के तहत दोनों देश मिलकर काम कर रहे हैं. आने वाले समय में 2024 में शुरू की गई पहलों को लागू करने और सहयोग के नए आयाम जोड़ने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा. भारत और मलेशिया के इतिहास में पहली बार दोनों देशों ने ‘सुरक्षा संवाद’ शुरू किया है. यह संवाद रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में बढ़ते भरोसे को दर्शाता है.

