Post Budget Webinar: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार सुबह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से “विकसित भारत के लिए प्रौद्योगिकी, सुधार और वित्त” विषय पर आयोजित बजट के बाद के वेबिनार को संबोधित करेंगे.
इन विषयों पर होगा विचार-विमर्श
बजट के बाद आयोजित होने वाले इस वेबिनार में सार्वजनिक पूंजी व्यय, बुनियादी ढांचा, बैंकिंग सेक्टर सुधार, वित्तीय सेक्टर प्रबंधन, पूंजी बाजारों की मजबूती और कर सुधारों के जरिए जीवन सुगमता जैसे विषयों पर विचार-विमर्श होगा.
क्या है Post Budget Webinar का उद्देश्य
यह वेबिनार केंद्रीय बजट 2026-27 से उभरने वाले प्रमुख विषयों पर आयोजित की जा रही बजट के बाद की वेबिनारों की शृंखला में पहला है और इसका उद्देश्य पिछले अनुभवों से सीख लेना और प्रतिभागियों से संरचित प्रतिक्रिया प्राप्त करना है ताकि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बजट घोषणाओं के परिणाम-उन्मुख कार्यान्वयन को मजबूत और सुनिश्चित किया जा सके, जिसमें विभिन्न हितधारकों के व्यावहारिक अनुभव और अंतर्दृष्टि का लाभ उठाया जा सके, जैसा कि बयान में कहा गया है.
बजट में 12.2 लाख करोड़ रुपए के पूंजीगत व्यय की घोषणा
अधिकारी ने बताया कि उद्योग, वित्तीय संस्थानों, बाजार प्रतिभागियों, सरकार, उद्योग नियामकों और शिक्षाविदों के हितधारकों को एक साथ लाएंगे ताकि प्रमुख बजट घोषणाओं के प्रभावी कार्यान्वयन मार्गों पर विचार-विमर्श किया जा सके. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2026-27 के बजट में 12.2 लाख करोड़ रुपए के पूंजीगत व्यय की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को बढ़ावा देना और अर्थव्यवस्था में विकास और रोजगार सृजन को गति देना है. बड़ी परियोजनाओं के विकास में तेजी लाने के लिए एक अवसंरचना जोखिम विकास कोष भी स्थापित किया गया है.
सरकार ने सार्वजनिक निवेश पर मजबूत जोर दिया है
आर्थिक विकास को गति देने के लिए, बजट में राजमार्गों, बंदरगाहों, रेलवे और बिजली परियोजनाओं सहित बुनियादी ढांचे को सशक्त प्रोत्साहन देने, 7 रणनीतिक क्षेत्रों में विनिर्माण को बढ़ाने और अग्रणी लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को बनाने का प्रस्ताव है. वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने राजकोषीय विवेक और मौद्रिक स्थिरता बनाए रखते हुए सार्वजनिक निवेश पर मजबूत जोर दिया है. भारत को वैश्विक बाजारों के साथ गहराई से जुड़ना होगा, निर्यात बढ़ाना होगा और विदेशी निवेश आकर्षित करना होगा.
जीडीपी के 4.3 प्रतिशत तक कम करने का अनुमान लगाया
वित्त मंत्री सीतारमण ने 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 4.3 प्रतिशत तक और कम करने का अनुमान लगाया है, क्योंकि सरकार स्थिरता के साथ आर्थिक विकास सुनिश्चित करने के लिए राजकोषीय सुदृढ़ीकरण के पथ पर अग्रसर है. 1 फरवरी को अपने बजट भाषण में उन्होंने कहा था कि सरकार ने 2025-26 के बजट में राजकोषीय घाटे को 4.4 प्रतिशत तक कम करने की अपनी प्रतिबद्धता को पूरा कर लिया है और अब राजकोषीय विवेक के मार्ग पर चलते हुए इसे और घटाकर 4.3 प्रतिशत कर देगी. उन्होंने कहा कि यह लक्ष्य आर्थिक गति को बनाए रखने और सार्वजनिक वित्त को स्थिर रखने के बीच संतुलन को दर्शाता है. राजकोषीय घाटा सरकार के कुल व्यय और कुल राजस्व के बीच का अंतर है.