VIDEO: हर-हर गंगे का जयघोष कर विदेशी श्रद्धालुओं ने महाकुंभ में लगाई डुबकी, भारत को लेकर कही ये बात

Divya Rai
Divya Rai
Content Writer The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
Must Read
Divya Rai
Divya Rai
Content Writer The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Foreign Devotees Mahakumbh Bath Videos: आज पौष पूर्णिमा पर दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक मेले महाकुंभ की शुरुआत हुई. 144 साल बाद लग रहे इस महाकुंभ के पहले अमृत स्नान में भाग लेने के लिए दुनियाभर के लोगों की भीड़ उमड़ी है. इटली, जर्मनी, रूस, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका समेत देशभर के श्रद्धालुओं ने हर-हर गंगे का जयघोष करते हुए संगम में आस्था की डुबकी लगाई. इस दौरान विदेशी मेहमानों के चेहरे पर एक अलग ही खुशी देखने को मिली.

‘भारत दुनिया का आध्यात्मिक दिल है’

महाकुंभ में ब्राजील के श्रद्धालु फ्रांसिस्को ने मोक्ष के लिए पवित्र संगम में डुबकी लगाई. उन्होंने कहा, ‘मैं पहली बार भारत आया हूं… मैं योग का अभ्यास करता हूं और मोक्ष की तलाश में हूं. यहां आकर मुझे बहुत अद्भुत लग रहा है. भारत दुनिया का आध्यात्मिक दिल है. नदी का पानी ठंडा है, लेकिन स्नान के बाद दिल गर्माहट से भर गया है.’

‘मैं बहुत भाग्यशाली हूं’

स्पेन के एक श्रद्धालु ने कहा कि वो संगम में डुबकी लगाकर खुद को बहुत भाग्यशाली महसूस कर रहे हैं. उन्होंने कहा ‘हमारे यहां स्पेन, ब्राजील, पुर्तगाल से कई दोस्त हैं… हम आध्यात्मिक यात्रा पर हैं. मैंने पवित्र डुबकी लगाई और इसका भरपूर आनंद लिया; मैं बहुत भाग्यशाली हूं.’

मूल रूप से मैसूर के रहने वाले एक जर्मन नागरिक जितेश प्रभाकर महाकुंभ में अपनी जर्मन पत्नी सास्किया नॉफ और बच्चे के साथ स्नान के लिए पहुंचे. संगम में डुबकी लगाकर जितेश प्रभाकर ने कहा, ‘इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि मैं यहां (भारत में) रहता हूं या विदेश में. असल बात ये है कि अपने देश और संस्कृति से संबंध होना चाहिए. मैं हर दिन योग का अभ्यास करता हूं. सभी व्यक्तियों को अपनी जमीन और संस्कृति से जुड़े रहना चाहिए और हमेशा अपने भीतर की यात्रा करने की कोशिश करनी चाहिए. उनकी जर्मन पत्नी सास्किया नॉफ ने कहा, ‘मैं बहुत उत्साहित हूं. मुझे यहां आना हमेशा अच्छा लगता है.’

दक्षिण अफ्रीका के केप टाउन से आए एक श्रद्धालु ने कहा, ‘यह बहुत सुंदर है. यहां की सड़कें साफ-सुथरी हैं, लोग बहुत मिलनसार और खुश हैं… हम सनातन धर्म का पालन करते हैं…’. दक्षिण अफ्रीका के केप टाउन से आए एक अन्य श्रद्धालु निक्की ने कहा, ‘हम बहुत भाग्यशाली है और यहां गंगा नदी पर आकर बहुत धन्य हैं…”

‘यहां हम असली भारत देख सकते हैं’

एक रूसी श्रद्धालु ने कहा, ‘मेरा भारत महान’…भारत एक महान देश है. हम यहां पहली बार कुंभ मेले में आए हैं. यहां हम असली भारत देख सकते हैं – असली शक्ति निहित है.”

ये भी पढ़ें- Kumbh Mela 2025: तुर्की की महिला को भाया सनातन धर्म, महाकुंभ में लगाई आस्था की डुबकी 

Latest News

नेशनल पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में महिला खिलाड़ियों का दमखम, प्रेरणा सालवी और राजेश्वरी विनायमूरथी ने जीता गोल्ड

52वीं पुरुष एवं 44वीं महिला नेशनल पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2026 के पांचवें दिन महिला 69 और 76 किलो भार वर्ग में खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया. स्पेशल ओलम्पिक में लगभग 44 दिव्यांग खिलाड़ियों ने भी विभिन्न श्रेणियों में हिस्सा लिया.

More Articles Like This