New Delhi: 5 साल से छोटे बच्चों के लिए कच्चा दूध बहुत खतरनाक साबित हो सकता है. कच्चे दूध में मौजूद कई तरह के हानिकारक बैक्टीरिया बच्चों में कई प्रकार की बीमारियों का कारण बन सकते हैं. दिल्ली एम्स के पेडियाट्रिक विशेषज्ञ बताते हैं कि बच्चों के माता-पिता अक्सर सोचते हैं कि कच्चा दूध सेहत के लिए फायदेमंद होता है. लेकिन यह हर उम्र के बच्चों के लिए सुरक्षित नहीं है.
बच्चों में कई प्रकार की बीमारियों का कारण
5 साल से छोटे बच्चों को कच्चा दूध देना सही नहीं है. कच्चा दूध बच्चों की सेहत पर गंभीर असर डाल सकता है. कच्चे दूध में मुख्य रूप से ई. कोलाई, सैल्मोनेला और लिस्टेरिया शामिल हैं. ये बैक्टीरिया बच्चों में कई प्रकार की बीमारियों का कारण बन सकते हैं- जैसे दस्त और उल्टी, पेट दर्द और असहजता आदि शामिल हैं.
बच्चे की जान के लिए गंभीर खतरा
गंभीर मामलों में सेप्सिस और लिस्टेरियोसिस जो दिमाग और नर्वस सिस्टम को प्रभावित कर सकते हैं और जानलेवा हो सकते हैं. लिस्टेरियोसिस खासकर खतरनाक है क्योंकि यह इंफेक्शन दिमाग तक फैल सकता है. बच्चे की जान के लिए गंभीर खतरा बन सकता है. छोटे बच्चों का इम्यून सिस्टम पूरी तरह विकसित नहीं होता, इसलिए वे आसानी से संक्रमण का शिकार हो सकते हैं.
बच्चों को कच्चा दूध देना पूरी तरह से सुरक्षित नहीं
हालांकि हर बच्चे की इम्यूनिटी अलग होती है लेकिन 5 साल से छोटे बच्चों में यह खतरा ज्यादा होता है. इसलिए बच्चों को कच्चा दूध देना पूरी तरह से सुरक्षित नहीं माना जाता. 5 साल से छोटे बच्चों को गाय का दूध ही दें. भैंस का दूध पचाने में बच्चों के लिए कठिन हो सकता है. गाय का दूध आसानी से पच जाता है. अगर गाय के दूध में आयरन या विटामिन की कमी लगती है तो डॉक्टर की सलाह से सप्लिमेंट दिया जा सकता है.
कुछ बातें ध्यान में रखना बेहद जरूरी
छोटे बच्चों को दूध पिलाते समय कुछ बातें ध्यान में रखना बेहद जरूरी है. हमेशा उबला हुआ दूध ही दें कच्चा दूध बिल्कुल न पिलाएं. लंबे समय तक खुला दूध न रखें, इसमें बैक्टीरिया बढ़ने का खतरा रहता है. 1 साल से छोटे बच्चों को गाय या भैंस का दूध न दें. उनके लिए माता का दूध ही सबसे सुरक्षित है. पैकेट वाला दूध डॉक्टर की सलाह से दें, खासकर 1 साल से ऊपर के बच्चों के लिए. कच्चा दूध छोटे बच्चों के लिए गंभीर खतरा है.
कच्चा दूध देने से कई स्वास्थ्य जोखिम
5 साल से छोटे बच्चों को कच्चा दूध देने से कई स्वास्थ्य जोखिम बढ़ जाते हैं. इसलिए हमेशा उबला हुआ दूध और डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही बच्चों को दूध पिलाएं. यह न सिर्फ बच्चों की सेहत के लिए सुरक्षित है बल्कि उन्हें गंभीर बीमारियों से भी बचाता है.
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