Bharat Express 3rd Anniversary: भारत एक्सप्रेस कॉन्क्लेव में यूपी सरकार के मंत्री संजय निषाद ने बताया कि वे पेशे से चिकित्सक रहे हैं और गोरखपुर में 22-23 साल तक प्रैक्टिस की. उन्होंने पौधों पर आधारित चिकित्सा पद्धति का अध्ययन स्वीडन से किया, जिसे आज पीएचडी के बराबर माना जाता है. नई खोज और नई तकनीक की तलाश हमेशा उनके जीवन का हिस्सा रही.
मार्गदर्शक कांशी राम
उन्होंने कहा कि उनके मार्गदर्शक कांशी राम साहब थे. जीवन में मार्गदर्शक का होना बहुत जरूरी है और कांशी राम ने उन्हें राजनीति की दिशा दिखाई.
राष्ट्र और प्रेरणा
संजय निषाद ने बताया कि उनके पिता सूबेदार रहे और उनसे उन्हें राष्ट्र और उसके विकास की प्रेरणा मिली. उन्होंने कहा कि राजनीति जनता के पैसे और भविष्य की अभिभावक होती है. जैसे भगवान राम के समय निषाद राज के साथ रामराज्य था, वैसा ही सुख का राज चाहिए.
भारत का गौरवशाली अतीत
उन्होंने कहा कि दो हजार साल पहले भारत का GDP ग्रोथ 33.5 प्रतिशत था और शिक्षा दर 75 प्रतिशत थी. भारत विश्व गुरु था और दुनिया के लोग यहां पढ़ने आते थे. लेकिन मुगलों और अंग्रेजों ने तलवार के बल पर भारत को लूटा और लंबे समय तक शासन किया. इसके बावजूद भारत आज भी मजबूत और विकसित है.
राजनीति में आने का कारण
संजय निषाद ने कहा कि डॉक्टर से राजनीति में आने का कारण यही था कि भारत को एक ऐसा प्रधानमंत्री चाहिए जो जनता के पैसे और भविष्य का सच्चा अभिभावक हो. उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और सशक्त हो रहा है.
राजनीति और समाज का हित
उन्होंने कहा कि समाज के हितों के लिए राजनीति में आना पड़ता है. जब वे राजनीति में आए तो कांशी राम के साथ जुड़े और बहुजन समाज पार्टी में आए. लेकिन जब पार्टियां नीतियों से भटक जाती हैं तो गर्त में चली जाती हैं. उन्होंने कहा कि बसपा भी गर्त में चली गई.
मुलायम सिंह पर क्या बोले?
संजय निषाद ने कहा कि मुलायम सिंह जी पिछड़ों के नेता थे और अखाड़े के पहलवान की तरह राजनीति करते थे. लेकिन अब राजनीति में भाड़े के पहलवान आ गए हैं और बयानबाजी का स्तर गिर गया है.
इस तरह उन्होंने अपने चिकित्सक से राजनीति तक के सफर, मार्गदर्शक कांशी राम, भारत के गौरवशाली अतीत और वर्तमान राजनीति की स्थिति पर खुलकर विचार साझा किए.