काशी को मोदी सरकार की बड़ी सौगात! 43 किमी एलिवेटेड कॉरिडोर और 6-लेन ग्रीनफील्ड हाईवे को मंजूरी

Ved Prakash Sharma
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Greenfield Highway In Varanasi: पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी को केंद्र सरकार ने बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर सौगात दी है. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शहर में 43.218 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर और 6-लेन ग्रीनफील्ड एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना को मंजूरी दे दी है. इन दोनों परियोजनाओं पर कुल मिलाकर 25,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत आएगी. हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (HAM) पर आधारित इन मेगा प्रोजेक्ट्स के निर्माण के बाद काशी में सफर करने वाले स्थानीय लोगों, देश-विदेश के श्रद्धालुओं और पर्यटकों को जाम के झंझट से हमेशा के लिए निजात मिल सकती है.

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को कैबिनेट ब्रीफिंग में बताया कि नेशनल हाईवे-19 और वाराणसी रिंग रोड के बीच एक भव्य 6-लेन ग्रीनफील्ड एलिवेटेड कॉरिडोर के विकास को मंजूरी दी गई है. इस पूरे प्रोजेक्ट की कुल लंबाई 46.039 किलोमीटर होगी, जिसे बनाने में करीब ₹14,447.64 करोड़ की लागत आएगी.

यह ग्रीनफील्ड कॉरिडोर वाराणसी के रोड नेटवर्क को शानदार कनेक्टिविटी प्रदान करेगा. इस प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि यह इस प्रभाव क्षेत्र में वाहनों के औसत यात्रा समय को लगभग 60 मिनट से घटाकर मात्र 20 मिनट कर देगा. इससे शहर के प्रमुख धार्मिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक स्थलों तक पहुंचना काफी आसान हो जाएगा.

वरुणा नदी के किनारे बनेगा 43.2 किमी लंबा 6/4-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर

वाराणसी शहर के अंदर भीड़भाड़ कम करने के लिए सरकार ने वरुणा नदी के किनारे एक और शानदार कॉरिडोर को मंजूरी दी है. यह 43.218 किलोमीटर लंबा एक 6/4-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर होगा, जो नेशनल हाईवे-31 और वाराणसी रिंग रोड को सीधे जोड़ेगा. इस बेहद महत्वपूर्ण शहरी प्रोजेक्ट पर कुल ₹10,998.32 करोड़ की लागत आएगी.

वाराणसी डीकंजेस्ट प्लान के हिस्से के रूप में बनने वाला यह दूसरा कॉरिडोर NH-31 और काशी रेलवे स्टेशन के बीच सीमलेस कनेक्टिविटी प्रदान करेगा. इसके चालू होने के बाद NH-31 से काशी रेलवे स्टेशन के बीच यात्रा के समय में सीधे 50% की कमी आएगी, जिससे 40 मिनट का सफर सिमटकर केवल 20 मिनट का रह जाएगा. इसके साथ ही, यह कॉरिडोर क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी नई रफ्तार देगा. यह मार्ग चंदौली सोशल इकोनॉमिक जोन, चंदौली और छह प्रमुख लॉजिस्टिक्स नोड्स के साथ कनेक्टिविटी को काफी मजबूत करेगा, जिससे व्यापार और माल ढुलाई की रफ्तार बढ़ेगी.

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Mobile Manufacturing Scheme: ₹62,500 करोड़ की नई स्कीम को मंजूरी, भारत बनेगा मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग का ग्लोबल हब

केंद्रीय कैबिनेट ने ₹62,500 करोड़ की मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (MPMS) को मंजूरी दे दी है. यह योजना 2026-27 से 2030-31 तक लागू रहेगी और मोबाइल उत्पादन, निर्यात, घरेलू विनिर्माण तथा रोजगार सृजन को बढ़ावा देने पर केंद्रित होगी.

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