जिला मुख्यालय की प्रमुख सड़कों को जाम से मुक्त कराने और यातायात सुचारु बनाने के लिए गुरुवार को बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाएगा. यह कार्रवाई लोक निर्माण विभाग (PWD) और नगरपालिका प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा की जाएगी. अधिकारियों के अनुसार, अस्थायी अतिक्रमण करने वाले 300 से अधिक दुकानों और मकानों को बुलडोजर से हटाया जाएगा.
इन मार्गों पर होगी कार्रवाई
अभियान के तहत विक्रमादित्य सिंह तिराहा से पटेल नगर तक, मालीपुर रोड, दोस्तपुर मार्ग, ओवरब्रिज के नीचे, बसखारी और पहितीपुर मार्ग सहित कई प्रमुख सड़कों को अतिक्रमण मुक्त किया जाएगा. प्रशासन का कहना है कि इन स्थानों पर सड़क और फुटपाथ तक कब्जा कर लिया गया है, जिससे यातायात बाधित हो रहा है.
पहले ही दिया गया था नोटिस
नगरपालिका और PWD ने 10 फरवरी को फुटपाथ, नालियों और नालों पर बने स्थायी व अस्थायी अतिक्रमण पर लाल निशान लगाकर नोटिस जारी किया था. लोगों को स्वयं अतिक्रमण हटाने के लिए समय दिया गया था. कुछ लोगों ने कार्रवाई के डर से खुद ही निर्माण हटाया, लेकिन जिन्होंने अब तक नहीं हटाया है, उन पर अब बुलडोजर कार्रवाई के साथ जुर्माना भी लगाया जाएगा.
पहले भी हुई कार्रवाई
हाल ही में अकबरपुर-अयोध्या मार्ग पर करीब 206 दुकानों और मकानों पर बुलडोजर चलाकर अतिक्रमण हटाया गया था. प्रशासन अब टांडा, दोस्तपुर मार्ग, पटेल नगर, बसखारी और पहितीपुर मार्ग सहित अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह की कार्रवाई की तैयारी कर चुका है. नोटिस के बावजूद अतिक्रमण न हटाने वालों पर सख्त कदम उठाया जाएगा.
जाम की मुख्य वजह बना अतिक्रमण
जिला मुख्यालय में रोजाना लगने वाले ट्रैफिक जाम की प्रमुख वजह सड़कों और फुटपाथों पर अतिक्रमण को माना जा रहा है. सुबह से शाम तक वाहन चालकों, कर्मचारियों और स्कूल जाने वाले छात्रों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है. इसी समस्या के समाधान के लिए प्रशासन ने यह अभियान शुरू किया है.
फुटपाथों पर अवैध कब्जा और वसूली
बताया जा रहा है कि कार्रवाई ठंडी पड़ते ही दुकानदार फिर फुटपाथ और सड़क तक कब्जा कर लेते हैं. कई जगह फुटपाथों का उपयोग निजी संपत्ति की तरह किया जा रहा है. आरोप है कि फुटपाथ पर दुकान लगाने के लिए ठेला संचालकों से 50 से 100 रुपये तक सुविधा शुल्क भी वसूला जाता है.
अधिकारियों का बयान
PWD के सहायक अभियंता अजय जायसवाल और नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी विशाल सारस्वत ने बताया कि अतिक्रमण हटाने के लिए 15 दिन का समय दिया गया था. निर्धारित अवधि में अतिक्रमण न हटाने वालों के खिलाफ गुरुवार को बुलडोजर से कार्रवाई की जाएगी.
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