Ayodhya Deepotsav 2026: राम की नगरी अयोध्या में दीपों का महापर्व दीपोत्सव एक बार फिर अपने दिव्य और भव्य स्वरूप में मनाया जा रहा है. इस मौके पर आज साकेत महाविद्यालय से रामकथा पार्क तक भव्य शोभायात्रा का शुभारंभ हुआ. यह उत्सव यात्रा अयोध्या की आत्मा का प्रतीक है. इसमें आस्था, संस्कृति और आधुनिक विकास का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है.
शोभायात्रा शुरू होते ही पूरा मार्ग जय श्रीराम के गगनभेदी नारों से गूंज उठा. यात्रा में भगवान श्रीराम के जीवन पर आधारित विभिन्न आकर्षक झांकियां शामिल थीं. पारंपरिक लोक नृत्य और रामायण कालीन वेशभूषा में सजे कलाकार मुख्य आकर्षण रहे. स्कूली बच्चों, संत-महात्माओं और आम श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में हिस्सा लेकर उत्सव को भव्य बनाया.

इस यात्रा में प्राचीन संस्कृति के साथ-साथ नए भारत की झलक भी दिखी. राम दरबार और पुष्पक विमान की झांकियां त्रेता युग की याद दिला रही थीं. वहीं, अयोध्या के आधुनिक विकास, स्वच्छता और डिजिटल प्रगति को दर्शाते मॉडल भी शामिल थे.
यह शोभायात्रा साकेत महाविद्यालय से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए रामकथा पार्क पर संपन्न होगी. यहीं मुख्य दीपोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. यह आयोजन अयोध्या वासियों और देश-विदेश से आए लाखों श्रद्धालुओं में उत्साह और गर्व की भावना भर रहा है.
रामनगरी में दीपोत्सव का आगाज झांकियों के साथ हुआ. पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने साकेत महाविद्यालय से झांकियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. उत्सवी माहौल में विभिन्न राज्यों से आए कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से लोगों का मन मोह रहे थे.
सूचना विभाग की ओर से 14 झांकियां निकाली जा रही हैं. संस्कृति विभाग की ओर से सात झांकियां प्रस्तुत की गईं. झांकियों को देखने के लिए श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की भीड़ सड़कों पर जुट गई. जय श्रीराम के उद्घोष से पूरा वातावरण राममय हो गया.
इस शोभायात्रा की सबसे खास बात प्राचीन संस्कृति और नए भारत का अद्भुत संगम रही. एक तरफ राम दरबार और पुष्पक विमान की झांकियां त्रेता युग की यादें ताजा कर रही थीं. वहीं, दूसरी तरफ अयोध्या के आधुनिक विकास को दर्शाते मॉडल भी इसमें शामिल थे. स्वच्छता और डिजिटल प्रगति को प्रदर्शित करने वाले मॉडल भी शोभायात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा थे.
यह अनूठा संगम अयोध्या के गौरवशाली अतीत और उसके उज्ज्वल भविष्य को एक साथ दर्शाता है. यह दिखाता है कि कैसे परंपरा और प्रगति साथ-साथ चल सकती हैं. यह यात्रा केवल एक धार्मिक जुलूस नहीं, बल्कि एक भव्य सांस्कृतिक प्रदर्शन भी है.
दुल्हन की तरह सजी रामनगरी, श्रद्धालुओं का गजब का उत्साह
दीपोत्सव पर रामनगरी को दुल्हन की तरह सजाया गया है. शहर के प्रमुख मार्गों और प्रवेश द्वारों को आकर्षक सजावट से संवारा गया है. कहीं रंग-बिरंगे फूलों से सजे द्वार तो कहीं मनमोहक सजावट लोगों का ध्यान बरबस ही अपनी तरफ खींच रही है. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से फूलों से लिखा ‘आपका हार्दिक स्वागत है’ संदेश भी आकर्षण का केंद्र बना है.