Ballia News:​ कटघरा के ‘आर.एस.एस. गुरुकुल’ ने पेश की संवेदनशीलता की मिसाल, पिता का साया नहीं तो फीस आधी

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

बंसी बाजार, कटघरा (बलिया): शिक्षा जगत में आमतौर पर वही स्कूल चर्चा में रहते हैं जो बड़े रिजल्ट देते हैं, लेकिन यूपी के बलिया जिले के बंसी बाजार स्थित आर.एस.एस. गुरुकुल सीनियर सेकेंडरी अकादमी ने अपनी अनोखी पहल और परंपराओं के जरिए अलग पहचान बनाई है. इस विद्यालय ने बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए ऐसे कदम उठाए हैं, जो बड़े शहरों के नामी स्कूलों में भी कम ही देखने को मिलते हैं.

रविवार को भी जारी रहता है ‘गुरु-शिष्य’ का रिश्ता

इस स्कूल की सबसे खास पहल इसकी ‘होम विजिट’ नीति है. यहां शिक्षक केवल स्कूल तक सीमित नहीं रहते, बल्कि रविवार के दिन भी विद्यार्थियों के घर जाकर उनके अभिभावकों से सीधे संवाद करते हैं. इससे शिक्षक और परिवार के बीच मजबूत तालमेल बनता है और इसका सकारात्मक प्रभाव बच्चों की पढ़ाई और व्यक्तित्व विकास पर साफ नजर आता है.

मेधावी छात्रों के लिए खास सुविधा

विद्यालय ने प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष व्यवस्था की है. प्रत्येक ग्रुप (A, B, C, D) में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों की अगली कक्षा की पूरी फीस माफ कर दी जाती है. इसके साथ ही, जिन बच्चों के पिता नहीं हैं, उनकी शिक्षा बाधित न हो इसके लिए 50 प्रतिशत शुल्क छूट की व्यवस्था भी की गई है.

कोरोना काल में मानवता की मिसाल

कोरोना महामारी के कठिन दौर में, जब पूरा देश संकट से जूझ रहा था, उस समय इस अकादमी ने सेवा और संवेदनशीलता का ऐसा उदाहरण पेश किया, जिसकी चर्चा आज भी होती है. विद्यालय ने न केवल शिक्षा जारी रखी, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों का भी पूरा ख्याल रखा.

47 लाख रुपये की फीस माफ

अकादमी के प्रबंधक जय प्रताप सिंह ‘गुड्डू’ ने कोरोना काल में छात्रों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए कुल 47,00,585 रुपये की फीस माफ कर दी. यह कदम उन परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हुआ, जो आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे थे.

प्रशासन ने किया सम्मानित

जय प्रताप सिंह के इस सराहनीय कार्य को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के उप-जिलाधिकारी, सिकंदरपुर ने उन्हें ‘कोरोना योद्धा’ के सम्मान से नवाजा. एसडीएम अभय कुमार सिंह ने प्रशस्ति पत्र देते हुए कहा कि था कि राष्ट्रीय आपदा के समय में आपके द्वारा किया गया यह कार्य अत्यंत सराहनीय है। यह समाज के कल्याण के प्रति आपकी सकारात्मक सोच और संवेदनशीलता को दर्शाता हैण्‍

सेवा ही है शिक्षा का असली उद्देश्य

कठघरा क्षेत्र के लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि आज के दौर में जहां शिक्षा एक व्यवसाय बनती जा रही है, वहीं जय प्रताप सिंह ‘गुड्डू’ जैसे लोग यह साबित कर रहे हैं कि शिक्षा का असली उद्देश्य सेवा और जनकल्याण होना चाहिए.

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