कानपुर: गुरूवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पहुंचे. सीएम ने प्राकृतिक खेती प्रदर्शनी का अवलोकन करने के बाद किसानों को सम्मानित किया. इसके बाद उन्होंने किसानों, कृषि वैज्ञानिकों तथा विशेषज्ञों से संवाद किया. सीएम ने कहा कि 12 वर्षों में हमने बदलते भारत को देखा जो बिना रुके थके, चल रहा है. भारत अपने विरासत व विकास को आगे बढ़ा रहा है.
सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आत्मनिर्भरता और विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है. प्राकृतिक खेती केवल कृषि पद्धति नहीं, बल्कि स्वस्थ समाज और समृद्ध राष्ट्र का अभियान है. उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों और पेस्टीसाइड के बढ़ते प्रयोग ने धरती की उर्वरा शक्ति को नुकसान पहुंचाया है और लोगों के स्वास्थ्य पर भी असर डाला है.

प्राकृतिक खेती कार्यशाला को सीएम योगी ने किया संबोधित
सीएसए परिसर में आयोजित प्राकृतिक खेती कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक समय लोग हैंडपंप और तालाब का पानी पी लेते थे, लेकिन आज किडनी, लीवर और अन्य गंभीर बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. इसके पीछे खान-पान और रसायनयुक्त कृषि का प्रभाव भी एक कारण है. उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था अन्न के नाम पर जहर परोसने का काम नहीं कर सकती, इसलिए प्राकृतिक खेती की ओर लौटना समय की आवश्यकता है.
सुरक्षा कवच हैं आयुष्मान भारत जैसी योजनाएं
सीएम योगी ने कहा कि गोआधारित खेती अपनाने से किसानों की लागत तत्काल 10 से 12 हजार रुपये तक कम हो सकती है. रासायनिक खाद और कीटनाशकों पर होने वाला खर्च बचेगा, वहीं स्वास्थ्य संबंधी खर्च भी कम होंगे. उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत जैसी योजनाएं सुरक्षा कवच हैं, लेकिन लक्ष्य ऐसा समाज बनाना है, जहां बीमारी ही कम हो.

34 जिलों में दिया जा रहा प्राकृतिक खेती को बढ़ावाः सीएम योगी
सीएम ने बताया कि प्रदेश के 34 जिलों में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिनमें बुंदेलखंड के सात जिले भी शामिल हैं. वहां किसानों को बेहतर परिणाम मिले हैं. सरकार अब कृषि मंडियों में प्राकृतिक खेती से तैयार उत्पादों के लिए अलग शोरूम स्थापित करेगी, ताकि किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध हो सके. उन्होंने कहा कि यदि प्राकृतिक खेती का उत्पाद थोड़ा महंगा भी हो तो उपभोक्ताओं को उसे प्राथमिकता देनी चाहिए, क्योंकि वह स्वास्थ्य की दृष्टि से लाभकारी है.
गोआधारित खेती से गोवंश भी रहेगा सुरक्षित
मुख्यमंत्री ने गोसंरक्षण को प्राकृतिक खेती से जोड़ते हुए कहा कि हम सभी गोमाता की पूजा करते हैं. गोआधारित खेती से गोवंश की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी. सीएम ने कहा कि शार्टकट के रास्ते अपनाने के कारण आज कई समस्याएं सामने आई हैं. यदि किसान गाय को परिवार का हिस्सा बनाएंगे तो खेती भी मजबूत होगी और गोवंश भी सुरक्षित रहेगा.

गोआश्रय में सुरक्षित हैं 14 लाख गोवंश
सीएम योगी ने बताया कि प्रदेश सरकार की निराश्रित गोआश्रय स्थलों में वर्तमान में लगभग 14 लाख गोवंश सुरक्षित हैं. मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत किसान चार गोवंश अपने पास रख सकते हैं, जिसके लिए सरकार प्रति गाय 1500 रुपये प्रतिमाह की सहायता देती है. अब तक डेढ़ लाख से अधिक किसान इस योजना से जुड़े हैं. उन्होंने कहा कि एक देशी गाय एक वर्ष में कई एकड़ भूमि को प्राकृतिक खेती के लिए आवश्यक जैविक संसाधन उपलब्ध करा सकती है.
योजनाओं ने किसानों को दी है नई ताकत
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत कभी विश्व अर्थव्यवस्था में अग्रणी स्थान रखता था. किसानों, व्यापारियों, युवाओं और महिलाओं पर विश्वास के कारण देश समृद्ध था. आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वही आत्मविश्वास फिर लौट रहा है. सीएम ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले किसान लागत और कम आय के कारण परेशान था, लेकिन अब न्यूनतम समर्थन मूल्य, किसान सम्मान निधि, फसल बीमा और सिंचाई योजनाओं ने किसानों को नई ताकत दी है.

