लखनऊः मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘निवेश मित्र 3.0’ सिंगल विंडो सिस्टम के शुभारंभ किया. इस मौके पर उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को औद्योगिक निवेश का प्रमुख गंतव्य बनाने के लिए पिछले 9 वर्षों में व्यापक प्रयास किए गए हैं.
सीएम योगी ने 2017 की स्थिति को याद करते हुए कहा कि जब निवेश के लिए उद्यमियों को यूपी आने का आमंत्रण दिया जाता था, तो वे इस पर हंसते थे और कई लोग तो पहले से ही यहां न आने का संकल्प लेने की बात करते थे. उस समय प्रदेश की छवि इतनी खराब थी कि निवेश की बात करना भी असहज लगता था.
नकारात्मक धारणा के पीछे दो प्रमुख कारण थे
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस नकारात्मक धारणा के पीछे दो प्रमुख कारण थे. पहला, पहचान का संकट और दूसरा, माफिया व आपराधिक गिरोहों का प्रभाव, जो हर जिले और थाने में समानांतर सत्ता चलाकर उद्यमियों, व्यापारियों, महिलाओं और आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए खतरा बना हुआ था. तब हमने इस माफिया की कमर तोड़ने, इसे पूरी तरह कुचलने का निर्णय लिया.
सीएम ने कहा कि हमने तय किया कि हम उत्तर प्रदेश के अंदर अपराध और अपराधी के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्य करेंगे. जीरो टॉलरेंस की वह नीति पहले दिन से आज तक अनवरत बनी हुई है.
अपराधी कोई भी हो, माफिया कोई भी हो…
सीएम योगी ने कहा कि अपराधी कोई भी हो, माफिया कोई भी हो, किसी भी प्रकार का कोई सरपरस्त क्यों न हो, अगर उसने कहीं दुस्साहस किया तो ये मानकर चलिए कि वह अपने उस दुस्साहस के लिए यमराज के पास जाने के लिए अपना टिकट काट रहा है.
उद्योगों के संचालन में बाधा या अराजकता बर्दाश्त नहीं: सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में उद्योगों के संचालन में किसी भी प्रकार की बाधा या अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने कहा कि यदि कहीं ट्रेड यूनियन या अन्य किसी नाम पर उद्योगों को बाधित करने की कोशिश की जाती है, तो वह स्वयं तत्काल संज्ञान लेते हैं और जरूरत पड़ने पर रात में ही संबंधित डीएम और एसपी को निर्देश देकर ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित कराते हैं, ताकि निवेश और उद्योगों का माहौल प्रभावित न हो.
सीएम योगी ने कहा कि कानपुर की ‘लाल इमली’ मिल जैसे उदाहरण बताते हैं कि कैसे पहले ट्रेड यूनियनों के भ्रष्टाचार और गलत नीतियों के कारण एक समय का प्रमुख टेक्सटाइल हब बंद होकर खंडहर में बदल गया और हजारों परिवार प्रभावित हुए. पिछली सरकारों ने उद्योगों की संभावनाओं को नकारा, लेकिन वर्तमान सरकार ने अनुकूल माहौल देकर निवेश को बढ़ावा दिया, जिसके कारण जनता का विश्वास लगातार मिल रहा है.

