लखीमपुर खीरीः भीषण गर्मी के बीच दुधवा टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों को पानी की कमी का सामना न करना पड़े, इसके लिए वन विभाग ने पहले से व्यापक तैयारियां कर रखी हैं. दुधवा प्रशासन की सक्रियता का ही परिणाम है कि रिजर्व क्षेत्र के विभिन्न वाटर होल्स में पर्याप्त पानी उपलब्ध है और वन्यजीव गर्मी के मौसम में भी राहत महसूस कर रहे हैं.
दुधवा टाइगर रिजर्व में कुल 250 वाटर होल्स
दुधवा टाइगर रिजर्व में कुल 250 वाटर होल्स बनाए गए हैं. इनमें 144 वाटर होल्स दुधवा वन क्षेत्र में, 62 वाटर होल्स कतरनियाघाट वन्यजीव प्रभाग में तथा 44 वाटर होल्स बफर जोन में स्थित हैं. इन सभी वाटर होल्स में सोलर वाटर लिफ्टिंग सिस्टम लगाया गया है, जिससे जलस्तर कम होने पर स्वतः पानी की आपूर्ति होती रहती है. इससे वन्यजीवों को भीषण गर्मी में भी पानी के लिए भटकना नहीं पड़ता.
गला तर कर गर्मी से राहत पा रहे वन्यजीव
इन वाटर होल्स पर बाघ, हाथी, गैंडा, भालू, हिरण सहित अन्य वन्यजीव पानी पीते हैं और गर्मी से राहत पाते नजर आ रहे हैं. वन विभाग द्वारा जारी की गई तस्वीरों में वन्यजीवों की गतिविधियां साफ देखी जा सकती हैं. ये दृश्य न केवल वन्यजीव संरक्षण की सफलता को दर्शाते हैं, बल्कि दुधवा आने वाले पर्यटकों के रोमांच को भी बढ़ा रहे हैं. वाटर होल्स पर वन्यजीवों की मौजूदगी के कारण पर्यटकों को भी आसानी से वन्यजीवों के दीदार हो रहे हैं.

फील्ड डायरेक्टर डॉ. एच. राजामोहन ने बताया
दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर डॉ. एच. राजामोहन ने बताया कि भीषण गर्मी को देखते हुए विभाग ने पहले से सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली थीं. रिजर्व क्षेत्र के सभी प्रमुख वाटर होल्स को सोलर वाटर लिफ्टिंग सिस्टम से जोड़ा गया है, जिससे पानी की उपलब्धता लगातार बनी हुई है. उन्होंने कहा कि वन्यजीवों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए वन विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं और सभी व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित की जा रही हैं.