गाजियाबाद सुसाइड मिस्ट्री: ‘कोरियन गेम’ की दीवानगी या घर का दबाव? मोबाइल खोलेगा 3 बहनों की मौत का राज

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Ghaziabad Suicide Mystery: गाजियाबाद में 9वीं मंजिल से छलांग लगाकर जान देने वाली तीन सगी बहनों के मामले में जांच ने अब नया मोड़ ले लिया है. इस दर्दनाक घटना में पुलिस को एक अहम सुराग हाथ लगा है. अधिकारियों ने वह मोबाइल फोन बरामद कर लिया है, जिसे इस पूरे मामले की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है.

जानकारी के मुताबिक, घटना से करीब दो सप्ताह पहले लड़कियों के पिता ने यह फोन बेच दिया था. अब जांच एजेंसियां उस मोबाइल का डेटा रिकवर करने में जुटी हैं, ताकि कथित ‘रहस्यमयी’ कोरियन गेम से जुड़े सच का पता लगाया जा सके, जिसका जिक्र इस सुसाइड केस में लगातार सामने आ रहा है.

आखिर फोन में ऐसा क्या ?

ट्रांस हिंडन के डीसीपी निमिष पाटिल ने बताया कि यह मोबाइल दिल्ली के शालीमार गार्डन इलाके की एक दुकान से बरामद हुआ है. पिता चेतन कुमार ने इसे 15 हजार रुपये में बेच दिया था. पुलिस को शक है कि लड़कियां किसी ऐसे ऑनलाइन कोरियन गेम की गिरफ्त में थीं, जो उन्हें खतरनाक टास्क देता था. परिजनों के अनुसार, तीनों बहनें—निशिका (16), प्राची (14) और पाखी (12)—अधिकांश समय उसी ऑनलाइन गेम में व्यस्त रहती थीं.

स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि उन्होंने स्कूल जाना भी लगभग बंद कर दिया था. अब फॉरेंसिक विशेषज्ञ यह जांच करेंगे कि क्या किसी ऐप, चैलेंज या कथित टास्क ने उन्हें मानसिक रूप से इस हद तक प्रभावित किया, जिसने उन्हें यह कठोर कदम उठाने की ओर धकेला.

डायरी के पन्नों में कैद ‘कोरियन’ दीवानगी

जांच के दौरान पुलिस को बहनों के कमरे से नौ पन्नों की एक छोटी डायरी बरामद हुई है, जिसकी सामग्री किसी रहस्यपूर्ण या हॉरर फिल्म की पटकथा जैसी प्रतीत होती है. डायरी के प्रत्येक पन्ने में कोरियन संस्कृति के प्रति उनकी गहरी रुचि और आकर्षण स्पष्ट रूप से झलकता है. उन्होंने बार-बार लिखा है, “हमें कोरियन से प्यार है.” साथ ही डायरी में लड़कियों ने आरोप लगाया कि घरवाले उन पर कोरियन फिल्में, गाने और गेम छोड़ने का दबाव बना रहे थे.

उन्हें भारतीय रीति-रिवाजों के अनुसार शादी करने के लिए कहा जा रहा था, जो उन्हें मंजूर नहीं था. उनके लिए ‘कोरियन’ ही उनकी दुनिया बन चुका था.

“पापा, आपकी मार से मौत बेहतर…”

जांच में एक भावुक और परेशान करने वाला एंगल यह भी सामने आया है कि पिता ने जब उनका फोन छीन लिया और उन्हें गेम खेलने से रोका, तो वे गहरे सदमे में चली गई थीं. डायरी में शारीरिक सजा यानी मारपीट का भी जिक्र है. आखरी पन्ने पर उन्होंने अपने पिता से माफी मांगते हुए लिखा, “आपकी मार खाने से अच्छा हमारे लिए मर जाना है… सॉरी पापा.”

ऑनलाइन दुनिया का जानलेवा जाल ?

4 फरवरी की रात तीनों बहनों ने एक साथ 9वीं मंजिल से कूदकर जान दे दी थी. प्रारंभिक जांच में अब तक किसी विशेष ‘टास्क-बेस्ड’ ऐप की पुष्टि नहीं हुई है, हालांकि जिस तरह वे सामाजिक जीवन से अलग-थलग पड़ गई थीं, वह किसी गहरे मानसिक तनाव या दबाव की ओर संकेत करता है.

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