CM Yogi: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को गोरखपुर के वनटांगिया गांव में परिवारों के साथ दिवाली मनाई. इस दौरान उन्होंने 82.41 करोड़ रुपये की लागत वाली 52 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया. मुख्यमंत्री ने वनटांगिया समुदाय के लोगों से संवाद किया और उनके जीवन में आए बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि पहले की सरकारों ने इन परिवारों की सुध नहीं ली, जबकि वर्तमान सरकार उन्हें मुख्य धारा से जोड़ने का काम कर रही है.
अंग्रेजों के समय से जंगलों में रहने को मजबूर थे वनटांगिया परिवार
सीएम योगी ने कहा कि अंग्रेजों के समय से वनटांगिया परिवार जंगलों में रहने को मजबूर थे. प्रदेश में 56 वनटांगिया गांव हैं, लेकिन लंबे समय तक वहां के लोगों को बुनियादी सुविधाएं और अधिकार नहीं मिले. सीएम ने कहा कि वर्ष 2007-08 से वह लगातार वनटांगिया परिवारों के बीच आ रहे हैं. मुख्यमंत्री बनने के बाद भी यह सिलसिला जारी है. अब गांव में पक्की सड़क, बिजली, पेयजल, आवास, स्कूल, राशन कार्ड और आयुष्मान भारत कार्ड जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं. उन्होंने कहा कि अब वनटांगिया गांव में जंगल में मंगल है.
हमारे लिए प्रदेश की 25 करोड़ आबादी एक परिवारः सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कुछ लोगों के लिए गांधी-नेहरू परिवार और कुछ के लिए सैफई परिवार ही सब कुछ है, जबकि उनके लिए प्रदेश की 25 करोड़ आबादी एक परिवार है. उन्होंने कहा कि सरकार जाति और क्षेत्र के आधार पर भेदभाव किए बिना गरीब, दलित, वनवासी और वंचित वर्ग के लोगों को योजनाओं से जोड़ रही है.
सीएम ने नशे और जुए से दूर रहने की अपील की
सीएम योगी ने युवाओं से नशे और जुए से दूर रहने की अपील की. कहा कि नशे का कारोबार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी है और ऐसे लोगों को दूसरों का जीवन बर्बाद नहीं करने दिया जाएगा. युवाओं को पढ़ाई और रोजगार पर ध्यान देना चाहिए.
मुख्यमंत्री ने वनटांगिया परिवारों के अधिकारों के लिए संघर्ष कियाः रवि किशन
सांसद रविकिशन ने कहा कि वनटांगिया परिवारों के अधिकारों के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संघर्ष किया. उन्होंने कहा कि पहले इन परिवारों के पास आधार कार्ड, राशन कार्ड और मतदान का अधिकार तक नहीं था. वर्ष 2017 में योगी जी के मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्हें राजस्व गांव का दर्जा और सुविधाएं मिलनी शुरू हुईं.