पीलीभीत में बोले CM योगी- आज प्रदेश में सुरक्षा का वातावरण है. यही रामराज्य की संकल्पना है

Ved Prakash Sharma
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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CM Yogi Pilibhit Visit: पीलीभीत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि रामराज्य केवल धार्मिक अवधारणा नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था का प्रतीक है, जहां किसी के साथ भेदभाव और तुष्टिकरण न हो. किसान, नौजवान, व्यापारी और बेटियों सहित समाज के हर वर्ग को सुरक्षा, सम्मान और आगे बढ़ने का अवसर मिले. 2017 से पहले प्रदेश में दंगे और अराजकता की स्थिति थी, लेकिन आज सुरक्षा का वातावरण है. यही रामराज्य की संकल्पना है.

पीलीभीत के बीसलपुर में मंगलवार को ग्राम नूरानपुर स्थित गोरक्ष पीठ आश्रम के शिव मंदिर परिसर में रामकथा के समापन अवसर पर सीएम योगी ने व्यासपीठ पर विराजमान कथाव्यास संत अंजलि शरण का अभिनंदन कर संबोधन शुरू किया. उन्होंने मंच पर उपस्थित देवीपाटन के मिथिलेश महाराज, हनुमानगढ़ी के राजू दास सहित अन्य संतों को नमन किया. कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में इतने संतों का एक साथ आगमन किसी महाकुंभ से कम नहीं है. संतों का सानिध्य समाज को सकारात्मक दिशा देने की प्रेरणा देता है.

अब अयोध्या में रोज पहुंच रहे लाखों श्रद्धालु

सीएम योगी ने अयोध्या में राम मंदिर आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम के मंदिर के लिए 500 वर्षों तक संघर्ष चला. एक समय था जब रामभक्तों को अयोध्या जाने से रोका जाता था. 2 नवंबर को रामभक्तों पर गोलियां चलाई गई थीं. उस समय रामनगरी में बुनियादी सुविधाओं का अभाव था. सड़कें बदहाल थीं और आवागमन के पर्याप्त साधन नहीं थे. आज तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है. अयोध्या सड़क, रेल और हवाई मार्ग से जुड़ चुकी है. अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की सुविधा मिली है. अब प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु रामलला के दर्शन कर रहे हैं. पहले जहां अव्यवस्था और प्रतिबंध थे, वहीं आज श्रद्धालु सहजता से दर्शन कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि 6 नवंबर को छोटी दीपावली पर अयोध्या में दीपोत्सव का भव्य आयोजन होगा. प्रभु श्रीराम के आगमन की स्मृति में जलने वाला एक-एक दीप केवल अयोध्या ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक चेतना को प्रकाशित करेगा. प्रदेश की सांस्कृतिक ऊर्जा देश के विकास में भी योगदान दे रही है.

cm yogi adityanath ramrajya statement in ramkatha pilibhit

रामकथा और रामलीला हमारी संस्कृति की पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की ताकत उसकी विविधता में एकता है. यहां अलग-अलग भाषा, वेशभूषा और खानपान होने के बावजूद सभी एक सूत्र में बंधे हैं. श्रीमद्भागवत और रामकथा की परंपरा हजारों वर्षों से चली आ रही है. फसल कटने के बाद गांव-गांव रामलीला का आयोजन और अखंड रामायण पाठ हमारी सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है. गांवों के कलाकार मिलकर रामलीला के माध्यम से भगवान राम के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाते हैं. महर्षि वाल्मीकि ने राम के चरित्र को शब्दों में पिरोकर आने वाली पीढ़ियों को मर्यादा, कर्तव्य और आदर्श जीवन की प्रेरणा दी.

काशी से बरेली तक धार्मिक स्थलों का विकासःसीएम योगी

मुख्यमंत्री ने काशी विश्वनाथ धाम का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले काशी में एक साथ दस श्रद्धालुओं के लिए भी दर्शन करना मुश्किल था, लेकिन आज हजारों श्रद्धालु एक साथ दर्शन कर रहे हैं. मथुरा-वृंदावन के विकास, बरेली की नाथ नगरी के रूप में पहचान और लखीमपुर के धार्मिक पर्यटन गलियारे का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों का विकास केवल पर्यटन बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि अपनी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित कर नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए भी जरूरी है.

सीएम ने महंत शांतिनाथ महाराज की यादें साझा कीं

सीएम योगी ने ब्रह्मलीन महंत शांतिनाथ महाराज को याद करते हुए कहा कि उनका व्यक्तित्व निराला और फक्कड़ स्वभाव का था. वह वर्ष 1995-96 से यहां रह रहे थे और आश्रम के निर्माण एवं विकास की बात करते थे। पिछले दिनों बरेली दौरे के दौरान भी उन्होंने इस आयोजन की चर्चा की थी. फोन से भी लगातार तैयारियों की जानकारी लेते रहे. आज यहां आकर आध्यात्मिक वातावरण, स्वच्छता और संतों का सानिध्य देखकर मन प्रसन्न हुआ. उन्होंने कहा कि इसी परिसर में महंत शांतिनाथ महाराज की समाधि है. आज उनके नाम पर भंडारा और धार्मिक आयोजन हो रहा है. यह देखकर उनकी आत्मा को भी संतुष्टि मिल रही होगी.

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