राम मंदिर चंदा विवाद पर OP राजभर का विपक्ष पर हमला, कहा- ‘जो डर गया, वो मर गया’

Ved Prakash Sharma
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Om Prakash Rajbhar Statement: यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री और सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने लखनऊ में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान विपक्ष, विशेषकर समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव पर जमकर हमला बोला. उन्होंने राम मंदिर चंदा विवाद से लेकर आगामी विधानसभा चुनावों तक के मुद्दों पर आवाज बुलंद की.

ओमप्रकाश राजभर ने राम मंदिर निर्माण में चंदा चोरी के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह के बयान का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि यदि बृजभूषण के पास इस मामले में कोई ठोस जानकारी थी, तो उन्हें समय रहते इसे सार्वजनिक करना चाहिए था.

राजभर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो डर गया, वह मर गया. साथ ही, विश्व हिंदू परिषद के आलोक कुमार द्वारा विपक्षी नेताओं पर की गई शिकायत का समर्थन करते हुए राजभर ने मांग किया कि जो लोग राम मंदिर पर आरोप लगा रहे हैं, उन्हें इसके सबूत पेश करने चाहिए. सबूत न दे पाने की स्थिति में उन पर झूठा मुकदमा दर्ज होना चाहिए.

राजभर ने विपक्ष पर साधा निशाना

अखिलेश यादव और टीनू यादव के बीच कथित फोन बातचीत के मामले पर राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव को खुद सामने आकर इस बात का खुलासा करना चाहिए कि उन्हें यह जानकारी किसके माध्यम से मिली. वहीं, अखिलेश यादव के सत्ता में वापसी के दावों को उन्होंने पूरी तरह खारिज कर दिया. राजभर ने कहा कि सपा शासनकाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति क्या थी, यह किसी से छिपा नहीं है. उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि अखिलेश यादव को यह बताना चाहिए कि वे आखिर किस आधार पर 2027 में सत्ता में आने का सपना देख रहे हैं.

27 सीटें लाना ही बहुत बड़ी चुनौती होगी

आगामी विधानसभा चुनाव पर टिप्पणी करते हुए ओमप्रकाश राजभर ने सपा और कांग्रेस गठबंधन को ‘दो दगे कारतूस’ करार दिया. उन्होंने याद दिलाया कि 2017 में भी ये दोनों साथ आए थे और मात्र 47 सीटें जीत सके थे. उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “ये 2027 में जीतने की बात करते हैं, जबकि इनके लिए तो 27 सीटें लाना ही बहुत बड़ी चुनौती होगी.

साइकिल बांटने की जांच होनी चाहिए

लखनऊ में भाजपा अध्यक्ष के साथ हुई बैठक को राजभर ने एक शिष्टाचार मुलाकात बताया. उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी सीट शेयरिंग को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई है, यह समय आने पर तय किया जाएगा. वहीं, अखिलेश यादव के जन्मदिन पर सपा द्वारा साइकिल बांटने पर भी उन्होंने सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि इसकी जांच होनी चाहिए कि यह पैसा कहां से आया और साइकिलें किन्हें बांटी गई हैं.

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