UP News: शराब शौकिनों को नए साल से पहले बड़ा झटका, यूपी में मंहगी होगी मदिरा

Abhinav Tripathi
Sub Editor, The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Liquor becomes expensive in UP: आने वाले साल में यूपी के शराब के शौकिनों को बड़ा झटका लगेगा. दरअसल, उत्तर प्रदेश सरकार ने आज हुई कैबिनेट की बैठक में नई आबकारी नीति को मंजूरी दे दी. नई नीति में कई बदलाव किए गए हैं. पहली अप्रैल 2024 से अंग्रेजी शराब, बियर और भांग की लाइसेंस फीस में 10 फीसदी बढ़ोत्तरी के आसार हैं. अगर ऐसा होता है को आगामी पहली अप्रैल से शराब महंगी हो सकती है.

यह भी पढ़ें: राजस्थान में हार के कांग्रेस ने गिनाए ये कारण, आलाकमान को सौंपी रिपोर्ट

नई आबकारी नीति को मिली मंजूरी

नई आबकारी नीति के अनुसार अब ओकेजनली लाइसेंस अब केवल 12 घंटों के लिए ही मिलेगी. नई नीति में इस बात की भी अनुमति दी गई है कि बियर शॉप के बगल में खाली पड़ी जमीन पर लाइसेंस धारक माडल शॉप के तौर पर उपयोग कर पाएंगे. इसके लिए पुलिस की मनमानी पर रोक है. पुलिस निरीक्षण के दौरान पुलिस को चेकिंग के लिए आबकारी विभाग की अनुमति लेनी होगी.

10 प्रतिशत की वृद्धि का प्रस्ताव

फुटकर दुकानों का व्यस्थापन नवीनीकरण के लिए माध्यम से कराए जाने का प्रस्ताव है. इस प्रस्ताव में देसी शराब की दुकानों के एमजीयू में 10 प्रतिशत की वृद्धि का प्रस्ताव है. देसी मदिरा की फुटकर दुकानों की बेसिक लाइसेंस फीस 32 रुपए प्रति बल्क लीटर वार्षिक के आधार पर निर्धारित करने का प्रस्ताव किया गया है.

उधर अंग्रेजी शराब की लाइसेंस फीस और नवीनीकरण के फीस में वृद्धि करने का प्रस्ताव है. इसके साथ ही फ्रेंचाइजी की फीस दर प्रति लीटर निर्धारण का प्रस्ताव दिया गया है. विदेशी शराब की रेगुलर 90 एमएल की आपूर्ति को समाप्त करने का भी प्रस्ताव है.

जानकारी दें कि उत्तर प्रदेश नियमावली 1961 में संशोधन का प्रस्ताव आज कैबिनेट की मीटिंग में मंजूर कर लिया गया. अंगूर, सेब और नाशपाती से बनने वाली क्रमश: साउडर, शेरी और पेरी को नियमावली में शामिल किया गया है.

Latest News

₹1,500 करोड़ के सुपारी सिंडिकेट पर ED का बड़ा एक्शन, काली कमाई से खरीदे आलीशान बंगले, 4 राज्यों में 20 ठिकानों पर रेड

विदेशी सुपारी की कथित तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED ने असम, मिजोरम, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश के 20 ठिकानों पर छापेमारी की है. एजेंसी के मुताबिक, नेटवर्क ने ₹1,500 करोड़ से अधिक की अपराध से अर्जित आय पैदा की. कार्रवाई में ₹1.30 करोड़ नकद जब्त किए गए और 33 बैंक खाते फ्रीज किए गए.

More Articles Like This

Exit mobile version