Lucknow: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शिक्षकों को फिर से नौकरी का मौका देने जा रहे हैं. उत्तर प्रदेश में करीब 26 महीने पहले ‘मदरसा आधुनिकीकरण योजना’ बंद होने से बेरोजगार हुए लगभग 22 हजार शिक्षकों को राहत मिल सकती है. CM योगी ने इन शिक्षकों के ”समायोजन” के रास्ते तलाशने के लिये एक कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया है. यह जानकारी प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने दी.
कार्ययोजना बनाने के आदेश
मंत्री अंसारी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने मंगलवार को यह कार्ययोजना बनाने के आदेश दिये हैं ताकि मदरसा आधुनिकीकरण योजना के शिक्षकों को राहत मिल सके. अंसारी ने बताया कि वर्ष 2023-24 में मदरसा आधुनिकीकरण योजना बंद होने से इसके तहत तैनात किये गये शिक्षकों के रोजगार पर संकट आया है. उन्होंने बताया कि इसे लेकर उनकी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लगातार बातचीत हो रही थी और मंगलवार को मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक में इस पर सकारात्मक चर्चा हुई.
लम्बे समय तक किया है काम
अंसारी ने कहा, ”मुख्यमंत्री ने कहा है कि वर्ष 1995 में शुरू होकर 2023-24 में बंद हुई मदरसा आधुनिकीकरण योजना के तहत नियुक्त किये गये करीब 22 हजार शिक्षकों ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिये लम्बे समय तक काम किया है. उन्हें उनके अधिकारों से वंचित नहीं किया जाएगा. राज्य सरकार इस बारे में विमर्श करेगी कि मदरसा शिक्षा में इन शिक्षकों को कैसे समायोजित किया जाए.”
समाधान के लिये निरंतर प्रयास जारी
मंत्री ने बताया कि इसके लिये मुख्यमंत्री ने एक कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया है. अंसारी ने बताया कि योजना बंद होने के कारण बेरोजगार हो चुके मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिये निरंतर प्रयास जारी थे और इस सिलसिले में एक उच्च स्तरीय बैठक भी हुई थी.’टीचर्स एसोसिएशन मदारिस अरबिया उत्तर प्रदेश’ के महासचिव दीवान साहब ज़मां खां ने कहा कि अगर सरकार आधुनिकीकरण योजना के मदरसा शिक्षकों को समायोजित करने की योजना बना रही है तो यह स्वागत योग्य है.
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