Sri Vidya Koti Kumkumarchan Mahayagya Bangalore: देश के वरिष्ठ संत स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी के मार्गदर्शन में बैंगलोर में दो दिवसीय श्री विद्या कोटि कुमकुमार्चन महायज्ञ का भव्य आयोजन किया गया. यह महायज्ञ कश्मीर से कन्याकुमारी तक संचालित राष्ट्रव्यापी आध्यात्मिक अभियान की 41वीं कड़ी रहा. देश की उन्नति, विश्व शांति और समग्र समृद्धि के संकल्प के साथ आयोजित इस महायज्ञ में 10 हजार से अधिक सुहासिनी महिलाओं एवं श्रद्धालुओं ने सहभागिता की. श्रद्धालुओं ने विधि-विधानपूर्वक माता ललिता की उपासना करते हुए दो दिनों तक श्री ललिता सहस्त्रनाम के मंत्रों का एक करोड़ बार जाप किया और सिंदूर से अर्चन कर राष्ट्र कल्याण की कामना की.
10 हजार से अधिक महिलाओं ने लिया भाग
पूरे विधि विधान से माता ललिता जी का पूजन कर महायज्ञ का आयोजन हुआ. 10 हज़ार से अधिक सुहासिनी महिलायें और श्रद्धालु श्री ललिता सहस्त्रनाम के मंत्रों को 2 दिनों तक 1 करोड़ बार पढ़कर सिंदूर से अर्चन किया. स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी के द्वारा अब तक देश के 41 प्रमुख शहरों में श्री विद्या कोटि कुमकुमार्चन महायज्ञ का आयोजन किया जा चुका है.
माता ललिता से की विशेष प्रार्थना
स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने महायज्ञ के आयोजन के अवसर पर कहा की देश के विकास की गति और बढ़े इसके लिए माता ललिता देवी से विशेष प्रार्थना है. माता से आकांक्षा है की हमारा देश का गरीब वर्ग समृद्ध बने. आगे उन्होंने कहा की आने वाला समय हमारे देश का ही है और सनातन धर्म ही हमारी ताक़त है. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने आगे यह भी कहा की जो व्यक्ति धर्म के साथ रहेगा वह सदैव न्याय पथ पर चलेगा. स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने कहा की देश विकास के पथ पर बहुत आगे बढ़ चुका है.
सिंदूर का प्रभाव जान चुकी है दुनियां
दो दिवसीय श्री विद्या कोटि कुमकुमार्चन महायज्ञ में बोलते हुए स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने ऑपरेशन सिंदूर की ओर इशारा करते हुए बड़ा बयान दिया. उन्होंने भारत की बढ़ती ताकत को उजागर करते हुए कहा कि भारत के सिंदूर का प्रभाव पूरी दुनिया जान चुकी है.
41 शहरों में सफल आयोजन
स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने अब तक देश के 41 प्रमुख शहरों में श्री विद्या कोटि कुमकुमार्चन महायज्ञ का आयोजन किया है. हर आयोजन में लाखों महिलाएं और श्रद्धालु शामिल होते हैं. इस महायज्ञ का उद्देश्य माता ललिता के आशीर्वाद से देश में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करना और सनातन मूल्यों को मजबूत करना है. बैंगलोर के इस महायज्ञ में महिलाओं की भारी संख्या ने इसे खास बना दिया.