Mumbai: शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के 6 बागी सांसद 20 जून को दिल्ली पहुंच सकते हैं. एक जानकारी के मुताबिक अपने अगले कदम को लेकर सभी उद्धव गुट के बागी सांसद लोकसभा अध्यक्ष के फैसले का इंतजार कर रहे हैं. 21 जून बागी सांसदों के लिए बेहद महत्वपूर्ण दिन माना जा रहा है, क्योंकि 21 जून 2022 को ही एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना से अलग होकर बगावत का बिगुल फूंका था.
कोई बड़ा राजनीतिक ऐलान
इस बात की भी संभावना जताई जा रही है कि 21 जून को बागी सांसद कोई बड़ा राजनीतिक ऐलान कर सकते हैं. उधर, शिवसेना-यूबीटी में बढ़ते आंतरिक संकट और संभावित टूट की अटकलों के बीच पार्टी के 6 बागी लोकसभा सांसदों के घरों और कार्यालयों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. इन सांसदों को कथित धमकियां मिलने के बाद विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है.
संसदीय दल की बैठक में छह सांसद अनुपस्थित
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब गुरुवार को नई दिल्ली में आयोजित शिवसेना (यूबीटी) संसदीय दल की बैठक में छह सांसद अनुपस्थित रहे. बैठक में केवल लोकसभा सांसद अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राजाभाऊ वाजे के साथ पार्टी नेता संजय राउत मौजूद थे. वहीं, नागेश आष्टीकर, संजय देशमुख, संजय जाधव, संजय दीना पाटिल, ओमप्रकाश राजेनिंबालकर और भाऊसाहेब वाकचौरे बैठक में नहीं पहुंचे.
सांसदों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू
शिवसेना-यूबीटी ने अनुपस्थित सांसदों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है. सांसद और पार्टी प्रवक्ता संजय राउत ने कहा कि गैरहाजिर सांसदों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा चुका है और उन्हें सात दिनों के भीतर जवाब देने को कहा गया है. उन्होंने संकेत दिया कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उनकी सदस्यता समाप्त करने की दिशा में भी कदम उठाए जा सकते हैं.
बागी सांसदों को सुरक्षा
राउत ने कहा कि यह लड़ाई संसद, अदालत और सड़क तीनों जगह लड़ी जाएगी. उन्होंने आरोप लगाया कि बागी सांसदों को सुरक्षा प्रदान की जा रही है और उनके आवासों तथा संपत्तियों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है. उन्होंने इसे सत्तारूढ़ गठबंधन की भूमिका से भी जोड़ते हुए तीखी आलोचना की.
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