UP Electricity Crisis: इन दिनों उत्तर प्रदेश में हाहाकार मचा हुआ है. जहां दिन में जनता भीषण गर्मी से बेहाल है, वहीं रात में उन्हें बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है. गांवों और शहरों में घंटों तक बिजली काटी जा रही है, जिसे लेकर जनता में आक्रोश है. लोग अब सड़कों पर उतर गए हैं. जिसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्ती दिखाई है.
CM योगी का सख्त आदेश
उत्तर प्रदेश में गर्मी के बीच बेहतर बिजली आपूर्ति को लेकर सीएम योगी के निर्देश के बाद यूपीपीसीएल अध्यक्ष ने समीक्षा बैठक की. मुख्यमंत्री के निर्देश पर यूपीपीसीएल अध्यक्ष ने गांव में 18 और शहरों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा है. भीषण गर्मी को देखते हुए बैठक में रात में अचानक लोड बढ़ने वाले क्षेत्रों में जांच अभियान चलाने को कहा गया. इसके साथ ही 1912 पर आने वाली शिकायतों के त्वरित निस्तारण का निर्देश दिया गया है.
अधिकारी हुए अलर्ट UP Electricity Crisis
मुख्यमंत्री योगी की सख्ती के बाद अधिकारी अलर्ट हो गए हैं. MD मध्यांचल रिया केजरीवाल ने मामले की जानकारी देते हुए कहा कि राजधानी लखनऊ में पीक आवर में निर्बाध आपूर्ति के लिए व्यवस्था की गई है. लखनऊ के विभिन्न इलाकों में 22 अधिकारी तैनात किए गए हैं. 22 अधीक्षण/अधिशाषी अभियंता रात 9 से 1 बजे तक तैनात रहेंगे. वरिष्ठ अभियंता 31 मई तक संबंधित क्षेत्र में रात 9 से 1 बजे तक तैनात रहेंगे. सभी 22 अधीक्षण/अधिशाषी अभियंताओ के नाम और नंबर जारी कर दिए गए हैं. रिया केजरीवाल ने कहा कि इंजीनियर बिजली समस्याओ का तत्काल समाधान कराएं.
तत्काल प्रभाव से करें कार्यवाही
पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक रवीश गुप्ता ने कहा कि किसी भी प्रकार के ब्रेकडाउन अथवा विद्युत आपूर्ति में व्यवधान की सूचना प्राप्त होने पर, तत्काल प्रभाव से कार्यवाही करते हुए, विद्युत आपूर्ति बहाल कराई जाए उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है. रवीश गुप्ता ने निर्देश दिए कि विद्युत व्यवधान के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाऐगी.

