यूपी का 11वां वेटलैंड: एटा बर्ड सेंचुरी और कच्छ छारी-ढांड को मिली रामसर साइट के रूप में मान्यता, पीएम मोदी ने जताई खुशी

Aarti Kushwaha
Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
Must Read
Aarti Kushwaha
Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

UP Ramsar Site: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के एटा स्थित पटना बर्ड सेंचुरी और गुजरात के कच्छ स्थित छारी-ढांड को रामसर साइट के रूप में मान्यता मिलने पर प्रसन्नता जताई है. उन्होंने कहा कि ये मान्यताएं जैव विविधता को संरक्षित करने और महत्वपूर्ण इकोसिस्टम की रक्षा करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं.

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि “खुशी है कि एटा (उत्तर प्रदेश) में पटना बर्ड सेंचुरी और कच्छ (गुजरात) में छारी-ढांड रामसर साइट बन गए हैं. वहां की स्थानीय आबादी के साथ-साथ वेटलैंड संरक्षण के प्रति उत्साही सभी लोगों को बधाई. ये मान्यताएं जैव विविधता को संरक्षित करने और महत्वपूर्ण इकोसिस्टम की रक्षा करने की हमारी प्रतिबद्धता की पुष्टि करती हैं. ये वेटलैंड अनगिनत प्रवासी और स्थानीय प्रजातियों के लिए सुरक्षित आवास के रूप में फलते-फूलते रहें.”

रामसर नेटवर्क में दो नई वेटलैंड्स को भी शामिल करने की घोषणा

वहीं, इससे पहले, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने जानकारी दी कि उत्तर प्रदेश के एटा जिले में पटना बर्ड सेंचुरी और गुजरात के कच्छ जिले में छारी-ढंड को रामसर साइट्स की सूची में शामिल किया गया है. भूपेंद्र यादव ने दो फरवरी को ‘विश्व वेटलैंड्स दिवस’ से पहले भारत के रामसर नेटवर्क में दो नई वेटलैंड्स को शामिल करने की घोषणा की.

उन्होंने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा कि “विश्व वेटलैंड दिवस नजदीक होने के कारण मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि भारत के बढ़ते रामसर नेटवर्क में दो नए नाम जुड़ गए हैं. उत्तर प्रदेश के एटा में पटना पक्षी अभयारण्य और गुजरात के कच्छ में छारी-ढांड प्रतिष्ठित रामसर साइटों की सूची में नए नाम हैं.”

रामसर नेटवर्क में साइट्स की संख्‍या बढकर हुआ 98

भूपेंद्र यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का रामसर नेटवर्क 2014 में 26 साइट्स से बढ़कर अब 98 साइट्स हो गया है, यानी इसमें 276 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है. उन्होंने कहा कि यह अंतर्राष्ट्रीय मान्यता हमारे पर्यावरण की रक्षा करने और हमारे समृद्ध वेटलैंड्स के संरक्षण के प्रति भारत की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है.

मंत्री ने बताया कि सैकड़ों प्रवासी और निवासी पक्षी प्रजातियां इन दोनों वेटलैंड्स में अपना घर पाती हैं. इसके अलावा ये चिंकारा, भेड़ियों, कैरकल, रेगिस्तानी बिल्लियों और रेगिस्तानी लोमड़ियों के साथ-साथ लुप्तप्राय पक्षियों का भी घर हैं.

इसे भी पढें:-ईरान की ओर पहले से बड़ा नौसैनिक बेड़ा भेज रहा अमेरिका, ट्रंप बोले- समझौते से बात नहीं बनी तो दूसरे रास्‍ते भी तैयार

Latest News

23 March 2026 Ka Panchang: सोमवार का पंचांग, जानिए शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

23 March 2026 Ka Panchang: हिंदू धर्म में किसी भी कार्य को करने से पहले शुभ और अशुभ मुहूर्त देखा...

More Articles Like This