Vrindavan Gurukulam Tragedy: उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के वृंदावन में मंगलवार रात एक दर्दनाक हादसे में चार छात्रों की जान चली गई. घटना चैतन्य विहार सेक्टर-2 स्थित पाणिनि संस्कृत गुरुकुलम की है, जहां भूमिगत पानी की टंकी की सफाई के लिए उतरे छात्रों की जहरीली गैस की चपेट में आने और पानी में डूबने से मौत हो गई. एक छात्र को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। उसका इलाज अस्पताल में चल रहा है.
हादसा रात करीब 10 बजे हुआ. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें गुरुकुलम पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया. मृतक चारों छात्र इसी संस्थान में संस्कृत की पढ़ाई कर रहे थे. उनकी उम्र 17 से 20 वर्ष के बीच बताई गई है.
टंकी से आ रही थी दुर्गंध, सफाई के लिए उतरे छात्र
जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह के अनुसार, गुरुकुलम परिसर में बनी भूमिगत पानी की टंकी से काफी समय से दुर्गंध आने की शिकायत थी. इसके बाद छात्रों ने टंकी की सफाई करने का प्रयास किया. करीब 12 से 14 फीट गहरी टंकी से पहले मोटर के जरिए अधिकांश पानी बाहर निकाला गया. पानी का स्तर कम होने के बाद एक छात्र सफाई के लिए टंकी के भीतर उतरा. कुछ देर बाद ही वह बेहोश हो गया. माना जा रहा है कि टंकी में जमा जहरीली गैस के कारण उसकी हालत बिगड़ी. उसे बाहर निकालने की कोशिश में चार और छात्र अंदर चले गए. देखते ही देखते सभी पांच छात्र बेहोश हो गए.
चार ने तोड़ा दम Vrindavan Gurukulam Tragedy
हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों ने बचाव की कोशिश करते हुए पांचों छात्रों को टंकी से बाहर निकाला. उन्हें तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने चार छात्रों को मृत घोषित कर दिया. पांचवें छात्र रुद्राक्ष को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर चिकित्सा निगरानी के लिए रेफर किया गया.
बताया गया है कि उसकी हालत फिलहाल स्थिर है और वह बातचीत कर पा रहा है. मृतकों की पहचान मनु कटारे (20), देवांश (17), विशु (18) और आर्यन (18) के रूप में हुई है. वहीं रुद्राक्ष की उम्र 18 वर्ष बताई गई है. मनु और देवांश मध्य प्रदेश के जबलपुर और विदिशा से थे, जबकि आर्यन कौशांबी और विशु मेरठ के रहने वाले थे. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने बताया कि चारों शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। पुलिस मृत छात्रों के परिजनों से संपर्क कर रही है. हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है.
गुरुकुलम में करीब 200 छात्र नामांकित
जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और छात्रों से घटना के संबंध में जानकारी ली. उनके मुताबिक, पाणिनि संस्कृत गुरुकुलम का संचालन मध्य प्रदेश निवासी आशीष कुमार शर्मा द्वारा किया जा रहा है. संस्थान में करीब 200 छात्र नामांकित हैं, जबकि हादसे के समय लगभग 100 छात्र परिसर में मौजूद थे. हादसे के बाद प्रशासन ने गुरुकुलम की व्यवस्थाओं और सुरक्षा मानकों की भी पड़ताल शुरू कर दी है. मामले में प्रशासनिक स्तर पर आगे की कार्रवाई की जा रही है.
सीएम योगी ने घटना का लिया संज्ञान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी हादसे की जानकारी दी गई है. जिलाधिकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री ने घटना पर तत्काल संज्ञान लेते हुए राहत और बचाव कार्य को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए हैं. साथ ही घायल छात्र को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने को कहा गया है. प्रशासन की ओर से घटना की परिस्थितियों और टंकी में जहरीली गैस बनने के संभावित कारणों की जांच की जा रही है.

