Vibrant Gujarat Summit: वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस की तैयारी के तहत जूनागढ़ में आयोजित जिला स्तरीय वाइब्रेंट गुजरात कार्यक्रम में 218 समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए. इन समझौतों के तहत 1,209 करोड़ रुपए के निवेश की योजना है, जिसका उद्देश्य जिले में औद्योगिक विकास को तेज करना और रोजगार बढ़ाना है.
जूनागढ़ में आयोजित जिला-स्तरीय वाइब्रेंट गुजरात कार्यक्रम की अध्यक्षता गुजरात के सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण मंत्री तथा जूनागढ़ जिला इंचार्ज प्रद्युम्न वाजा ने की. इस कार्यक्रम में उद्योगपति, युवा उद्यमी, क्षेत्र विशेषज्ञ और सरकारी अधिकारी शामिल हुए.
218 समझौता ज्ञापन पर हुए हस्ताक्षर
इस मौके पर 218 समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए. ये समझौता ज्ञापन हेल्थकेयर, अस्पताल, शिक्षा (सांस्कृतिक और पारंपरिक शिक्षा), पर्यटन, रिसॉर्ट्स, इंफ्रास्ट्रक्चर, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण, इंजीनियरिंग, खनिज और खनन सहित कई क्षेत्रों में किए गए.
कार्यक्रम में साझा की गई जानकारी के अनुसार, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण और डेयरी क्षेत्र में 102 समझौता ज्ञापन हुए हैं, जिसमें लगभग 281 करोड़ रुपए के निवेश होंगे. इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी में 144 करोड़ रुपए के 55 समझौता ज्ञापन और खनिज और खनन में 41 समझौता ज्ञापन हुए हैं. जबकि पर्यटन क्षेत्र में 114 करोड़ रुपए और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में 175 करोड़ रुपए के निवेश को लेकर समझौता ज्ञापन हुए हैं.
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में जूनागढ़ की मजबूत होगी पहचान
अधिकारियों के अनुसार, प्रस्तावित निवेश से बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन होगा और जूनागढ़ की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पहचान मजबूत होगी. मंत्री प्रद्युम्न वाजा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि 2003 में शुरू हुई वाइब्रेंट गुजरात पहल अब जिला स्तर पर निवेश बढ़ाने का मजबूत प्लेटफॉर्म बन गई है. उन्होंने जूनागढ़ की प्राकृतिक संपत्तियों, पहाड़, जंगल, समुद्री तट और सांस्कृतिक व आध्यात्मिक विरासत को औद्योगिक और पर्यटन विकास के लिए मजबूत आधार बताया.
पर्यटन को भी मिलेगा बढ़ावा
मंत्री वाजा ने गिरनार रोपवे और एशियाटिक शेर की उपस्थिति को पर्यटन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि जूनागढ़ के समुद्री भोजन, मसाले, फूड प्रोसेसिंग उत्पाद और मशीनरी पहले ही वैश्विक बाजारों में पहुंच रहे हैं, और प्लास्टिक, इंजीनियरिंग, सीफूड और एग्रो-प्रोसेसिंग क्लस्टर इस विकास को सहारा दे रहे हैं.
उन्होंने वंदे भारत ट्रेन, केशोद हवाई अड्डे का विस्तार, राष्ट्रीय राजमार्ग और जीआईडीसी औद्योगिक क्षेत्र जैसे इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को जिले के औद्योगिक इकोसिस्टम को मजबूत करने वाला बताया.
कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को भी किया जा रहा मजबूत
जिला कलेक्टर अनिल कुमार राणवसिया ने कहा कि जूनागढ़ की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को एग्रो-प्रोसेसिंग के माध्यम से और मजबूत किया जा रहा है, जिससे किसानों को उनके उत्पाद का बेहतर मूल्य मिलेगा. उन्होंने जिले के केसर आम और जामुन की मांग का जिक्र करते हुए निवेशकों को धार्मिक और पर्यटन परियोजनाओं में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया.
उन्होंने कहा कि केशोद हवाई अड्डे की रनवे लंबाई 1.5 किलोमीटर से बढ़ाकर लगभग 2.5 किलोमीटर की जा रही है, जिससे कार्गो हैंडलिंग बेहतर होगी, सौराष्ट्र के समुद्री क्षेत्र का विकास होगा और पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी. इसके अलावा, सीफूड इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए 22 हेक्टेयर जमीन आवंटित की गई है, जिससे रोजगार के अवसर सृजित होंगे.
जूनागढ़ नगर निगम की स्थायी समिति की अध्यक्ष पल्लवी ठाकुर ने कहा कि युवाओं में उद्यमिता बढ़ाने और रोजगार सृजन को प्रोत्साहित करने के लिए कई पहल की गई हैं. जूनागढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स के सचिव संजय पुरोहित ने कहा कि यह जिला-स्तरीय कार्यक्रम परिणाम केंद्रित था और कृषि प्रसंस्करण इकाइयों के विस्तार और जिले की पर्यटन क्षमता को उजागर करता है.
कार्यक्रम में वजपाई बैंकबल योजना जैसी योजनाओं के तहत प्रतीकात्मक सहायता चेक वितरित किए गए. इसके अलावा, स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जो कार्यक्रम की मुख्य आकर्षण बन गई.
मुख्य कार्यक्रम के साथ-साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्टार्टअप और नवाचार पर सेमिनार भी आयोजित किए गए, जिसमें धर्मेंद्र जोशी और जतिन कटारिया ने आधुनिक उद्यमिता में तकनीक और नवाचार की भूमिका पर चर्चा की.
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