Mukul Roy: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री मुकुल रॉय के निधन पर शोक व्यक्त किया है. मुकुल रॉय का सोमवार रात करीब डेढ़ बजे कोलकाता के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में निधन हो गया. वे काफी समय से बीमार चल रहे थे.
Mukul Roy के निधन पर PM Modi ने जताया शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “पूर्व केंद्रीय मंत्री मुकुल रॉय के निधन से दुख हुआ. उन्हें अपने राजनीतिक अनुभव और समाज की सेवा के प्रयासों के लिए हमेशा याद किया जाएगा. उनके परिवारजनों और समर्थकों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं. ओम शांति.”
सुवेंदु अधिकारी ने भी जताया शोक
पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा विधायक सुवेंदु अधिकारी ने भी मुकुल रॉय के निधन पर शोक व्यक्त किया. उन्होंने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “वरिष्ठ नेता मुकुल रॉय के निधन के बारे में जानकर बहुत दुख हुआ. उनके परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं. प्रार्थना है कि उनकी आत्मा को शांति मिले.”
अभिषेक बनर्जी ने व्यक्त की संवेदना
तृणमूल कांग्रेस के सांसद और महासचिव अभिषेक बनर्जी ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “मुकुल रॉय के निधन से बंगाल के राजनीतिक इतिहास के एक युग का अंत हो गया है. वे बहुत अनुभवी नेता थे. उनके योगदान ने राज्य की सार्वजनिक और राजनीतिक यात्रा के एक महत्वपूर्ण चरण को आकार देने में मदद की. तृणमूल कांग्रेस के संस्थापक स्तंभ के रूप में, उन्होंने शुरुआती सालों में संगठन को बढ़ाने और मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई. सार्वजनिक जीवन के प्रति उनके समर्पण को हमेशा याद किया जाएगा. मैं उनके परिवार, दोस्तों और प्रशंसकों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं. भगवान उनकी आत्मा को शांति दे.”
कई स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे
73 वर्षीय मुकुल रॉय का कोलकाता के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था. बेटे सुभ्रांशु रॉय ने पुष्टि की कि सोमवार रात करीब 1:30 बजे पिता मुकुल रॉय का निधन हो गया. करीबी सहयोगियों के अनुसार, वे कई स्वास्थ्य समस्याओं के कारण काफी समय से इलाज करा रहे थे, लेकिन इलाज का उन पर कोई असर नहीं पड़ रहा था.
ममता बनर्जी के सबसे करीबी थे
मुकुल रॉय तृणमूल कांग्रेस के संस्थापक सदस्यों में से एक थे. उनकी गिनती मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सबसे करीबी विश्वासपात्रों में होती थी. वे मनमोहन सिंह की सरकार में रेल मंत्री रहे. वे भाजपा के विधायक भी रहे थे. 2017 में उन्होंने टीएमसी छोड़कर भाजपा ज्वाइन की थी और 2021 में नादिया जिले के कृष्णानगर (उत्तर) विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की थी. हालांकि, कुछ महीनों बाद मुकुल रॉय ने टीएमसी में वापसी कर ली.