Weather Update 14 July 2026: देश का मौसम इन दिनों बिल्कुल दो अलग-अलग तस्वीरें पेश कर रहा है. एक तरफ कई राज्यों में लोग बारिश का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन मानसून की सुस्ती के कारण तेज धूप और उमस ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है. वहीं दूसरी ओर कुछ राज्यों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पर बड़ा असर डालना शुरू कर दिया है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के मुताबिक आने वाले दिनों में भी यह विरोधाभासी मौसम बना रह सकता है.
खासकर उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में मानसून कमजोर रहेगा, जबकि पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. 14 जुलाई 2026 को देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ नजर आएगा. दिल्ली, लखनऊ, पटना और कोलकाता जैसे प्रमुख शहरों में लोगों को अलग-अलग तरह के मौसम का सामना करना पड़ेगा.
मौसम विभाग का कहना है कि उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में अगले छह से सात दिनों तक मानसून की रफ्तार धीमी रह सकती है, जिससे तापमान बढ़ेगा और उमस लोगों की परेशानी बढ़ाएगी.
दिल्ली-NCR और हरियाणा में गर्मी और उमस का डबल अटैक
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी बनी हुई है. मंगलवार को सुबह से तेज धूप निकलने की संभावना है और हवा में नमी अधिक रहने के कारण लोगों को उमस का सामना करना पड़ेगा. दिन के दौरान कुछ इलाकों में धूल भरी तेज हवाएं भी चल सकती हैं.
हरियाणा के गुरुग्राम, फरीदाबाद और अंबाला समेत कई जिलों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है. फिलहाल बारिश के आसार बेहद कम हैं. मौसम विभाग के अनुसार दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक अधिक रह सकता है, जिससे गर्मी का असर और बढ़ेगा.
उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान में धूप-छांव का दौर
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है, लेकिन तेज धूप और उमस लोगों को परेशान करेगी. प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में फिलहाल भारी बारिश की संभावना नहीं जताई गई है. मध्य प्रदेश के ग्वालियर और भोपाल में भी बादल और धूप का सिलसिला जारी रहेगा.
पश्चिमी मध्य प्रदेश के इंदौर में मानसूनी गतिविधियां कमजोर रहने से मौसम शुष्क रहेगा, जबकि पूर्वी हिस्से के जबलपुर में शाम के समय हल्की बारिश या बौछारें पड़ सकती हैं. राजस्थान की राजधानी जयपुर में भी मौसम मिलाजुला रहेगा. दिनभर धूप और बादलों का आना-जाना लगा रहेगा, लेकिन भारी बारिश की संभावना नहीं है. वहीं जोधपुर और बीकानेर में पश्चिमी हवाओं के कारण धूलभरा मौसम रहेगा और तेज धूप लोगों को परेशान करेगी. हालांकि कोटा में हल्की बूंदाबांदी से कुछ राहत मिलने के आसार हैं.
बिहार और पश्चिम बंगाल में भारी बारिश का अलर्ट
जहां उत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश का इंतजार बना हुआ है, वहीं बिहार और पश्चिम बंगाल में मानसून पूरी तरह सक्रिय है. मौसम विभाग ने पटना और गया में गरज-चमक के साथ तेज हवाओं और भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. भागलपुर और पूर्णिया में बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है.
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में दिनभर घने बादल छाए रहने और रुक-रुककर तेज बारिश होने का अनुमान है. वहीं दार्जिलिंग और सिलीगुड़ी समेत उप-हिमालयी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है. इन इलाकों में जलभराव और भूस्खलन जैसी समस्याएं भी बनी रह सकती हैं.
झारखंड और छत्तीसगढ़ में बारिश के साथ बिजली गिरने का खतरा
झारखंड के रांची, धनबाद और जमशेदपुर में तेज हवाओं के साथ अच्छी बारिश होने का अनुमान है. मौसम विभाग के अनुसार इन इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. देवघर में बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की गई है, इसलिए लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों में जाने से बचने की सलाह दी गई है. छत्तीसगढ़ के बिलासपुर और जगदलपुर में भी भारी बारिश के आसार हैं. वहीं रायपुर और दुर्ग में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और उमस लोगों को परेशान कर सकती है.
ओडिशा के तटीय इलाकों में बढ़ेगी उमस
तटीय ओडिशा के भुवनेश्वर, कटक और पुरी में समुद्र से आने वाली नम हवाओं के कारण मौसम बेहद उमस भरा रहने का अनुमान है. दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है, लेकिन गर्मी और नमी का असर लोगों को परेशान करेगा. भारतीय मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में अगले छह से सात दिनों तक मानसून की गतिविधियां कमजोर रह सकती हैं.
इसके विपरीत पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है. ऐसे में जिन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, वहां लोगों को मौसम विभाग की सलाह का पालन करने और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों पर नजर बनाए रखने की जरूरत है.
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