New Delhi: महिला आरक्षण संशोधन बिल (131वां संशोधन विधेयक) खारिज होने के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विपक्षी दलों पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि इनको सिर्फ अपने घर की महिलाएं ही अच्छी लगती हैं. अखिलेश यादव को डिंपल यादव और राहुल गांधी को सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी ही नजर आती हैं. उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ कहा था कि महिलाओं को उनका अधिकार मिलना चाहिए, लेकिन विपक्ष ने इस मुद्दे पर भी राजनीति की.
विपक्ष ने पहले से ही तय कर रखा था
CM रेखा गुप्ता ने कहा कि विपक्ष ने पहले से ही तय कर रखा था कि महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं तक कभी नहीं पहुंचने दिया जाएगा. रेखा गुप्ता ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी जैसे दलों ने महिला आरक्षण बिल का समर्थन नहीं किया. इन लोगों ने तय कर रखा था कि किसी भी हालत में महिलाओं को विधानसभा और लोकसभा तक नहीं पहुंचने देंगे.
लगातार अलग-अलग बहाने बनाता रहा विपक्ष
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष लगातार अलग-अलग बहाने बनाता रहा, कभी जाति के आधार पर आरक्षण की बात, कभी धर्म के आधार पर, तो कभी सीटों की संख्या को लेकर सवाल उठाए गए. मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी 543 सीटों की बात की गई, कभी 850 सीटों की, कभी परिसीमन (डिलिमिटेशन) को मुद्दा बनाया गया. लेकिन सच्चाई यही है कि ये लोग नहीं चाहते कि देश की आधी आबादी, करीब 70 करोड़ महिलाएं, सदन तक पहुंचें.
‘महिला विरोधी चेहरा’
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ नेता अपने क्षेत्रों में ‘राजा’ बनकर बैठे हैं और नहीं चाहते कि सीटें बढ़ें, क्योंकि इससे नए प्रतिनिधियों, खासकर महिलाओं को मौका मिल सकता है. रेखा गुप्ता ने कहा कि दुनिया के कई देशों में महिलाओं का प्रतिनिधित्व 40 से 50 प्रतिशत तक है, लेकिन भारत में महिलाओं को आगे आने से रोका जा रहा है. उन्होंने इसे ‘महिला विरोधी चेहरा’ बताया.
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