Kabul: अफगानिस्तान में एक बार फिर भूकंप के तेज झटके लगे. देश के हिंदू कुश इलाके में शनिवार को 5.5 तीव्रता का भूकंप आया. राजधानी काबुल में कई मकान ढह गए और दरारें आ गईं. इस भूकंप के झटके पड़ोसी देश पाकिस्तान के कई शहरों में भी महसूस किए गए. पाकिस्तान के इस्लामाबाद, पेशावर और खैबर पख्तूनख्वा के कई इलाकों में जमीन हिलने से लोग डरकर घरों से बाहर निकल आए. स्वात, हंगू, नॉर्थ वजीरिस्तान और चितराल जैसे क्षेत्रों में भी कंपन महसूस हुआ.
किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं
अच्छी बात यह है कि अभी तक किसी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है. प्रशासन ने भी पुष्टि की है कि स्थिति सामान्य है. काबुल और प्रांतीय स्वास्थ्य अधिकारियों को अलर्ट पर रखा गया है. इस क्षेत्र में भूकंप अक्सर जानलेवा साबित होते हैं क्योंकि ग्रामीण इलाके में अधिकांश घर लकड़ी और मिट्टी से बने होते हैं और कमजोर संरचना वाले होते हैं. पाकिस्तान मौसम विभाग के अनुसार भूकंप की गहराई करीब 199 किलोमीटर थी और इसका केंद्र हिंदू कुश क्षेत्र में था.
6.1 तीव्रता का आया था भूकंप
गहराई ज्यादा होने की वजह से नुकसान कम रहा. यह इलाका पहले भी कई बार भूकंप झेल चुका है. हाल ही में इसी महीने 6.1 तीव्रता का भूकंप आया था और फरवरी में भी 5.8 तीव्रता के झटके महसूस किए गए थे. विशेषज्ञों के अनुसार पाकिस्तान और आस-पास का क्षेत्र भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेट्स के बीच स्थित है, इसलिए यहां भूकंप का खतरा हमेशा बना रहता है.
कुछ वर्षों में अफगानिस्तान में कई भूकंप आए
बता दें कि पिछले कुछ वर्षों में अफगानिस्तान में कई भूकंप आए हैं. अगस्त 2023 में 6.0 तीव्रता का भूकंप, नवंबर 2023 में 6.3 का भूकंप और अक्टूबर 2023 में 6.3 तीव्रता के भूकंप ने हजारों लोगों की जान ले ली थी और गांवों को तबाह कर दिया था. अफगानिस्तान के कठिन भौगोलिक और गरीबी से भरे इलाके अक्सर आपदा के समय मदद पहुंचाने में मुश्किल का सामना करते हैं.
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