Pakistan: पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में पाकिस्तान के खिलाफ सुलग रहा गुस्सा 9 जून को फिर से भड़कने वाला है, जब वहां के स्थानीय लोग अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करेंगे. ऐसे में हालांत को काबू में रखने के लिए आज रात से अगले 7 दिनों के लिए PoJK में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई है.
बता दें कि यह आंदोलन ‘जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमिटी’ (JAAC) ने बुलाया है, जो कई स्थानीय संगठनों का एक समूह है और यह आंदोलन कब्जे वाले इलाके के लोगों के साथ पाकिस्तान द्वारा लगातार किए जा रहे अन्याय के विरोध में किया जा रहा है. वहीं, बंद के आह्वान को नाकाम करने के लिए PoJK में अतिरिक्त सुरक्षा बल भी भेजे जा रहे हैं.
क्या है मामला?
पीओके में इस उकसावे का कारण पाकिस्तान का वह धोखा है जो उसने पिछले साल अक्टूबर में बड़े पैमाने पर हुए विरोध-प्रदर्शनों के बाद JAAC के साथ हुए समझौते के तहत लोगों से किए गए कुछ वादें. बता दें कि यह समझौता पाकिस्तान सरकार, PoJK प्रशासन और JAAC के प्रतिनिधियों के बीच 32-सूत्रीय मांगों के चार्टर को पूरा करने के लिए हुआ था. इसमें बिजली दरों में कमी, गेहूं पर सब्सिडी, पनबिजली रॉयल्टी का भुगतान, खास लोगों को मिलने वाले विशेषाधिकारों को खत्म करना और गवर्नेंस में कई ढांचागत सुधार शामिल थे, लेकिन पाकिस्तान सरकार ने ज्यादातर अहम वादे पूरे नहीं किए हैं, जिससे लोगों में फिर से गुस्सा भड़क गया है और वे नए सिरे से एकजुट हो रहे हैं.
JAAC ने की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की घोषणा
दरअसल, पिछले महीने, JAAC नेताओं ने मीरपुर में बैठक की. इस दौरान अधिकारियों को अल्टीमेटम देते हुए 31 मई, 2026 तक समझौते को पूरी तरह लागू करने की मांग की. साथ ही समूह ने चेतावनी दी थी कि यदि समय सीमा के भीतर ऐसा नहीं किया गया, तो नया विरोध-प्रदर्शन शुरू हो जाएगा.
इस बीच JAAC और पाकिस्तान की संघीय सरकार और PoK प्रशासन के प्रतिनिधियों के बीच कई दौर की बातचीत हुई, लेकिन समय सीमा खत्म होने से पहले कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका. ऐसे में 31 मई को, JAAC ने 9 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की घोषणा की.