मिड-टर्म इलेक्शन में नहीं लागू होगा मेल-इन वोटिंग रूल, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से ट्रंप को झटका

Ved Prakash Sharma
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

US Supreme Court: US सुप्रीम कोर्ट से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप को झटका लगा है. ट्रंप ने देशभर के वोटरों को मेल बैलेट (Mail Ballot) भेजने के तरीके को बदलने की बात कही थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस प्लान को खारिज कर दिया है.

चुनाव अधिकारियों ने चेतावनी दी थी कि अगर इस साल के मिडटर्म इलेक्शन में इसे लागू किया जाता, तो इसके बहुत खराब नतीजे हो सकते थे.

ट्रंप के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक

कोर्ट के सामने आए सबसे अहम मामलों में से एक में ज्यादातर जजों ने इस प्रक्रिया पर रोक लगा दी, जिससे US पोस्टल सर्विस को लाखों मेल बैलेट रोकने की अभूतपूर्व शक्ति मिल जाती. यहां तक कि GOP के कुछ चुनाव अधिकारियों ने चेतावनी दी थी कि इस प्रस्ताव से अफरा-तफरी मच सकती है और बड़ी संख्या में लोग वोट देने के अधिकार से वंचित हो सकते हैं.

अमेरिकी कोर्ट का यह फैसला राष्ट्रपति के लिए एक बड़ा झटका है, जो वर्षों से बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी के झूठे आरोप लगाकर मेल वोटिंग का विरोध करते रहे हैं, जबकि खुद भी मेल से वोट करते रहे हैं.

कोर्ट ने कहा, ‘प्रशासन के अपनी चुनौती के आधार पर सफल होने की संभावना कम है.’ लेकिन उन्होंने अपने तीन वाक्यों वाले, बिना हस्ताक्षर वाले आदेश में इसके बारे में ज्यादा कुछ नहीं बताया. कंजर्वेटिव जज सैमुअल एलिटो और क्लेरेंस थॉमस ने इस फैसले पर असहमति जताई.

प्रशासन ने अपने प्रस्ताव को पोस्टल नियमों में एक मामूली बदलाव के तौर पर पेश किया था, जिसका मकसद कथित धोखाधड़ी से बचाव करना था. हालांकि, ट्रंप के आलोचकों ने इस कदम को असंवैधानिक तरीके से शक्ति हथियाने की कोशिश बताया, जिसे लागू करने के लिए US पोस्टल सर्विस पूरी तरह तैयार भी नहीं थी.

More Articles Like This

Exit mobile version