Asian Boxing Championship 2026 India: ताशकंद में खेली जा रही एशियाई अंडर-15 और अंडर-17 मुक्केबाजी चैंपियनशिप 2026 से भारत के लिए बेहद शानदार खबर सामने आई है. भारतीय महिला मुक्केबाजों ने रिंग में जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए अपने दमखम का लोहा मनवाया है. एक के बाद एक मुकाबलों में जीत दर्ज करते हुए भारत की नौ युवा बॉक्सर अपने-अपने भार वर्ग के फाइनल में पहुंच गई हैं. इस शानदार प्रदर्शन के बाद अब देश को कई स्वर्ण पदकों की उम्मीदें बंध गई हैं और भारतीय टीम का मनोबल भी काफी ऊंचा नजर आ रहा है.
अंडर-15 वर्ग में शानदार शुरुआत
अंडर-15 वर्ग में भारतीय मुक्केबाजों ने शुरुआत से ही मुकाबलों पर अपनी पकड़ मजबूत बना ली. 30-33 किलोग्राम भार वर्ग में अक्षिता ने कजाकिस्तान की अयाज़ान मरात को एकतरफा मुकाबले में हराकर फाइनल में जगह बनाई. वहीं 37 किलोग्राम वर्ग में अंज़ी ने उज्बेकिस्तान की सरविनोज़ रिस्कुलोवा को 5-0 के बड़े अंतर से हराकर अपनी ताकत का शानदार प्रदर्शन किया. इन मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों की फुर्ती, आक्रामक रणनीति और सटीक पंच साफ नजर आए, जिससे विरोधी खिलाड़ियों को संभलने का मौका ही नहीं मिला.
लगातार जीत से बढ़ा आत्मविश्वास
भारतीय टीम का प्रदर्शन सिर्फ एक-दो मुकाबलों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि हर कैटेगरी में खिलाड़ियों ने जीत की लय बरकरार रखी. 40 किलोग्राम वर्ग में सोनिया ने अपनी कजाकिस्तानी प्रतिद्वंदी को 5-0 से हराकर शानदार जीत दर्ज की. वहीं 43 किलोग्राम वर्ग में तन्वी ने भी अपने मुकाबले में पूरी तरह दबदबा बनाए रखा और आसानी से फाइनल में प्रवेश किया. इसके अलावा हंशिका अत्री ने कोरिया की खिलाड़ी को हराकर टीम के लिए एक और बड़ी जीत सुनिश्चित की. इन लगातार जीतों ने भारतीय टीम के आत्मविश्वास को और मजबूत कर दिया है.
मिडलवेट और हेवीवेट में भी चमक
मिडलवेट और हेवीवेट कैटेगरी में भी भारतीय मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया. 58 किलोग्राम वर्ग में सुनैना ने कजाकिस्तान की खिलाड़ी को हराकर फाइनल में जगह बनाई, जबकि 61 किलोग्राम वर्ग में भूमिका ने चीनी ताइपे की प्रतिद्वंदी को मात दी. इसके अलावा 64 किलोग्राम वर्ग में तन्वी ने कजाकिस्तान की यास्मीन के खिलाफ 4-1 से कड़ा मुकाबला जीतकर अपनी क्षमता साबित की. इन जीतों से साफ है कि भारतीय बॉक्सर हर वजन वर्ग में मजबूती से मुकाबला कर रही हैं.
अब फाइनल में गोल्ड पर नजर
भारतीय मुक्केबाजों के इस शानदार प्रदर्शन के बाद अब सबकी नजरें फाइनल मुकाबलों पर टिकी हैं. नौ बॉक्सर के फाइनल में पहुंचने के बाद भारत के लिए कई स्वर्ण पदक जीतने का सुनहरा मौका बन गया है. ये सभी खिलाड़ी अब रिंग में देश का तिरंगा सबसे ऊपर फहराने के इरादे से उतरेंगी. अगर यही लय बरकरार रही, तो इस चैंपियनशिप में भारत का नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो सकता है.
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