Rohit Sharma Retirement Rumors: कार्डिफ़ में खेले गए दूसरे वनडे मैच में भारतीय टीम को चार विकेट से हार का सामना करना पड़ा. इस मुकाबले में हिटमैन रोहित शर्मा 47 गेंदों में 26 रन बना पाए. वहीं, एजबेस्टन में खेले गए शुरुआती वनडे मैच में क्रिकेटर मात्र 11 रन बनाए थे. ऐसे में रोहित शर्मा के ख़राब प्रदर्शन को देखते हुए ये चर्चा तेज हो गई है कि उन पर टीम मैनेजमेंट की तरफ से संन्यास लेने का दबाव बनाया जा रहा.
रविवार को आखिरी मैच खेल सकते हैं Rohit Sharma Retirement Rumors
वहीं, एक रिपोर्ट में ये दावा किया गया कि सेलेक्टर्स ने रोहित शर्मा तो बता दिया है कि वे अब 2027 वर्ल्ड कप की योजनाओं का हिस्सा नहीं हैं. साथ ही इस रिपोर्ट में ये भी दावा किया गया है कि रोहित शर्मा अपने इंटरनेशनल करियर से संन्यास ले सकते हैं. वो रविवार को लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर ‘मेन इन ब्लू‘ के लिए अपना आखिरी मैच खेल सकते हैं. इसी बीच इन खबरों को लेकर पूर्व क्रिकेटर रविचंद्रन अश्विन ने सेलेक्टर्स और टीम मैनेजमेंट पर तीखा हमला किया है. उन्होंने सवाल किया कि क्या मैनेजमेंट और सेलेक्टर्स रोहित शर्मा और विराट कोहली को ऐसा महसूस करवाने की कोशिश कर रहे हैं कि अब उनकी टीम में जरूरत नहीं है.
चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के तुरंत बाद यह बता देना चाहिए था
अपने यूट्यूब चैनल पर रविचंद्रन अश्विन ने कहा, “यशस्वी जायसवाल अच्छा करते रहे हैं और अपने मौके के इंतजार में हैं. मगर आप एक सेलेक्टर, कोच या उस व्यक्ति के नजरिए से देखें, आपने अगर पहले ही दिमाग में सोच लिया है कि ये खिलाड़ी 2027 वनडे वर्ल्ड कप में नहीं खेलेंगे, तो उन्हें चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के तुरंत बाद यह बता देना चाहिए था.”
वे खराब प्रदर्शन की जिम्मेदारी खुद लेते हैं
पूर्व क्रिकेटर ने अपना उदाहरण देकर बताया कि बांग्लादेश के खिलाफ घरेलू सीरीज में टीम इंडिया ने अच्छा किया था, लेकिन न्यूजीलैंड के खिलाफ टीम अच्छा नहीं कर पाई. अश्विन ने कहा कि वे खराब प्रदर्शन की जिम्मेदारी खुद लेते हैं. अश्विन ने आगे कहा कि जब टीम ऑस्ट्रेलिया गई तो उन्हें ऐसा लगा कि मैनेजमेंट उन्हें टीम में नहीं रखना चाहता है.
एक खराब सीरीज तो हर कोई डिजर्व करता है
उन्होंने आगे कहा कि एक खराब सीरीज तो हर कोई डिजर्व करता है. उन्होंने कहा कि किसी खिलाड़ी को ऐसा महसूस करवाया जाए कि अब उसकी टीम में जरूरत नहीं है, तो जाहिर तौर पर उसका प्रदर्शन प्रभावित होगा. रविचंद्रन अश्विन ने कहा, “अगर उनमें से किसी को भी ऐसा लगा कि अब मैनेजमेंट को उनकी जरूरत नहीं है, तो 2 चीजें होंगी. पहला ये कि वो अपना सर्वश्रेष्ठ नहीं दे पाएंगे और दूसरा यह कि वो टीम के साथ रहते हुए भी ऐसे दिखेंगे जैसे उनका आत्मविश्वास गिर गया हो.”