नाइट फ्रैंक की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि बेंगलुरु, मुंबई और दिल्ली जैसे भारतीय शहर वैश्विक रियल एस्टेट बाजार में शीर्ष 15 में जगह बनाने में सफल रहे हैं. यह उपलब्धि उच्च मांग और स्थिर प्रॉपर्टी वैल्यू की वजह से संभव हुई है.
केंद्र सरकार दिल्ली की 7 पुरानी सरकारी कॉलोनियों को नए सेल्फ-फाइनेंसिंग मॉडल से विकसित कर रही है. इससे 21 हजार से ज्यादा नए फ्लैट और आधुनिक सुविधाएं तैयार होंगी.