नाइट फ्रैंक की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि बेंगलुरु, मुंबई और दिल्ली जैसे भारतीय शहर वैश्विक रियल एस्टेट बाजार में शीर्ष 15 में जगह बनाने में सफल रहे हैं. यह उपलब्धि उच्च मांग और स्थिर प्रॉपर्टी वैल्यू की वजह से संभव हुई है.
भारत की पीक बिजली मांग पिछले एक दशक में करीब दोगुनी होकर 270.8 गीगावाट पहुंच गई है. वहीं देश की स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता बढ़कर 552 गीगावाट हो गई. गैर-जीवाश्म क्षमता भी 283.46 गीगावाट तक पहुंच चुकी है.