New Delhi: विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा है कि हम ऐसे समय में मिल रहे हैं जब दुनिया की राजनीतिक और आर्थिक व्यवस्था बड़े बदलावों के दौर से गुजर रही है. अस्थिरता, अनिश्चितता और जटिलताएं आज की दुनिया की प्रमुख पहचान बन गई हैं. उन्होंने कहा कि हम भू-राजनीतिक संघर्षों, महामारी और जलवायु परिवर्तन से जुड़ी परेशानियों के आर्थिक प्रभाव को अपनी आंखों के सामने देख रहे हैं. बता दें कि भारत की अध्यक्षता में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 से ठीक पहले ब्रिक्स बिजनेस फोरम के उद्घाटन सत्र का आयोजन किया गया.
सही समय पर प्रभावी कदम उठाने की जरूरत
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने दुनिया की अर्थव्यवस्था के जोखिम और अवसर के दौर में सही समय पर प्रभावी कदम उठाने की जरूरत पर जोर दिया. अपने संबोधन की शुरुआत में उन्होंने मौजूद सभी मेहमानों को आभार जताते हुए कहा कि आप सभी के साथ शामिल होकर मुझे बहुत खुशी हो रही है. यह कार्यक्रम ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से ठीक पहले आयोजित किया जा रहा है. विदेश मंत्री ने कहा कि यह वर्ष खास महत्व रखता है क्योंकि हम ब्रिक्स सहयोग के 20 साल पूरे होने का जश्न मना रहे हैं.
सहयोग के नए तरीके विकसित
इन 20 वर्षों में ब्रिक्स ने काफी प्रगति की है. इसके सदस्य देशों की संख्या बढ़ी है, इसके कार्यक्षेत्र का विस्तार हुआ है और सहयोग के नए तरीके विकसित हुए हैं. भारत की अध्यक्षता के दौरान हमने लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता पर जोर देते हुए इस विकास की यात्रा को आगे बढ़ाने की कोशिश की है. आज की परिस्थितियों में ये प्राथमिकताएं हमारे देशों के लिए पहले से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण हैं.
सही समय पर प्रभावी कदम उठाने की क्षमता
जयशंकर ने कहा कि तेजी से बढ़ते डिजिटल बदलाव और नई तकनीकों की प्रगति विकास, उत्पादकता और आर्थिक वृद्धि के लिए नए अवसर भी पैदा कर रही है नतीजतन, आज दुनिया की अर्थव्यवस्था ऐसे दौर में है जहां जोखिम और अवसर दोनों अधिक व्यापक रूप से फैल रहे हैं. ऐसे माहौल में भविष्य की चुनौतियों का पहले से अंदाजा लगाने, बदलती परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने और सही समय पर प्रभावी कदम उठाने की क्षमता पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है.
इसे भी पढ़ें. दिल्ली के मंडावली इलाके में कहासुनी के बाद युवक की चाकू से गोदकर हत्या, एक आरोपी गिरफ्तार

