भारत में अगस्त के दौरान व्हाइट-कॉलर नौकरियों की भर्ती में सालाना 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई. AI और ML से जुड़ी नौकरियों में 31 प्रतिशत उछाल आया, जबकि फ्रेशर्स की भर्ती 15 प्रतिशत बढ़ी.
रिटेल और कंज्यूमर GCC में AI टैलेंट की हिस्सेदारी 2028 तक बढ़कर 10.6 फीसदी होने का अनुमान है. मौजूदा समय में AI और डेटा से जुड़े कामों में करीब 7,800 प्रोफेशनल्स कार्यरत हैं.
भारत के प्रोफेशनल सर्विसेज सेक्टर में Gen Z की हिस्सेदारी 2023 के 17% से बढ़कर 34% हो गई है. वहीं करीब हर दूसरा कर्मचारी नई नौकरी तलाश रहा है और 86% फ्रंटलाइन मैनेजर सक्रिय रूप से नौकरी खोज रहे हैं.
Uber ने AI रणनीति के तहत कस्टमर सपोर्ट डिवीजन में करीब 10% कर्मचारियों की छंटनी की है. कंपनी का कहना है कि संगठनात्मक ढांचे को मजबूत बनाने और AI आधारित दक्षता बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया गया है.
LinkedIn Report: अगर आप बेहतर नौकरी की तलाश में सिर्फ दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु या हैदराबाद जैसे बड़े शहरों का रुख कर रहे हैं, तो अब अपनी सोच बदलने का समय आ गया है. देश के कई नॉन-मेट्रो शहर तेजी...
भारत का डेटा सेंटर उद्योग तेजी से विस्तार कर रहा है. एनएलबी सर्विसेज की रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2030 तक इस क्षेत्र में करीब 1 लाख कुशल पेशेवरों की जरूरत होगी. एआई और क्लाउड तकनीकों के बढ़ते उपयोग से रोजगार के नए अवसर तेजी से बढ़ने की उम्मीद है.
क्लिकअप ने अपने 22 प्रतिशत कर्मचारियों की छंटनी का ऐलान किया है. कंपनी का कहना है कि भविष्य में AI आधारित भूमिकाओं और नए ऑपरेटिंग मॉडल पर अधिक फोकस किया जाएगा.
भारत में AI जॉब्स तेजी से बढ़ रही हैं. रिपोर्ट के मुताबिक 2019 के मुकाबले AI से जुड़ी नौकरी की पोस्टिंग करीब 6 गुना बढ़ गई है, जिससे ऑफिस और रोजगार सेक्टर में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है.
नई रिपोर्ट के अनुसार 2026 में भारत में औसतन 9.1% वेतन वृद्धि हो सकती है. AI, टेक और डिजिटल स्किल वाले कर्मचारियों की मांग बढ़ने से उन्हें सबसे ज्यादा सैलरी बढ़ोतरी मिलेगी.