Morning Bad Habits Creates Problem: हमारे जीवन में अब मोबाइल ने अपनी विशेष पहुंच बना ली है. मोबाइल के बिना जीवन की कल्पना करना संभव नहीं है. रोटी, कपड़ा मकान के जैसे ही मोबाइल अब महत्वपूर्ण हो चला है....
बढ़ती घरेलू मांग, बेहतर कीमतों और निर्यात में वृद्धि से भारत के मखाना बाजार को रफ्तार मिल रही है. सरकारी फैक्टशीट के मुताबिक 2029-30 तक बाजार 12 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है.