Bhakti

सदाचार और शुद्ध आचरण से ही परिपुष्ट होती है भक्ति: दिव्य मोरारी बापू

पुष्कर (राजस्थान) में परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा कि सदाचार और शुद्ध आचार-विचार ही सच्ची भक्ति की नींव हैं। उन्होंने ध्यान, दान, माता-पिता के सम्मान और गीता के संदेश को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी।

सच्चाई के मार्ग पर चलने वालों को मिलती है शान्ति: दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, शान्ति ज्ञानी या विद्वान बनने से नहीं, भक्ति में सराबोर होने से मिलती है। सत्य का त्याग करने वालों को शान्ति कहां से मिलेगी? शान्ति तो सच्चाई के मार्ग...

ज्ञान और भक्ति से ही होते हैं भगवान प्रकट. दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, भगवान श्री कृष्ण का प्राकट्य हुआ तब रात्रि १२ बजे का समय, दिशाएं निर्मल, शीतल मंद सुगन्ध पवन चलने लगी, हर वृक्ष पर पुष्प निकल आये, भौंरे गूंजने लगे।...

भगवान केवल सच्ची भक्ति से होते हैं प्रसन्न: दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, भक्त्या तुष्यति केवलम्। भगवान केवल शिष्टाचार देखते तो ब्याध के ऊपर भगवान की कृपा कभी न होती। श्री शिव पुराण में व्याध की कथा है। उसको जंगल में शिव...

मन की मलिनता दूर होते ही होता है भगवान के दिव्य स्वरूप का दर्शन. दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, दिव्य स्वरुप है भगवान का। भगवान व्यास श्रीमद्भागवत महापुराण में एक बहुत अच्छी बात कहते हैं। यदि हम आप उसे समझ सके तो बहुत अच्छी बात है। भगवान व्यास...

कथा श्रवण से जीवन में आता है ज्ञान और भक्ति का प्रकाश : दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, द्वितीय स्कन्ध में श्रीशुकदेवजी के द्वारा त्रिधा भक्ति का उपदेश किया गया। हम बहुत कुछ न कर पावे तो तीन काम कर लें। श्रवण, कीर्तन और मनन। कानों से...

Bajrang Baan Paath: हनुमान जयंती पर इस विधि से करें बजरंग बाण का पाठ, हर परेशानी होगी दूर

आज हनुमान जयंती पर बजरंग बाण का पाठ करने से संकट दूर होते हैं. जानिए इसकी सही विधि, नियम और महत्व.

प्रेम और प्रभु स्मरण से मन होगा शुद्ध: दिव्य मोरारी बापू

Divya Morari Bapu ने कहा कि प्रेम और प्रभु स्मरण से मन शुद्ध होता है और चेतन समाधि प्राप्त होती है.

सदाचार और हरि स्मरण से सुधर सकती है मृत्यु: दिव्य मोरारी बापू

दिव्य मोरारी बापू ने कहा कि वैर और वासना छोड़कर भक्ति जीवन जीने से मृत्यु भी मंगलमय बन सकती है.

मन को प्रभु में लगाओ, तभी मिलेगा सच्चा सुख: दिव्य मोरारी बापू

पुष्कर में दिव्य मोरारी बापू ने कहा कि मन की तन्मयता ही सच्ची भक्ति का आधार है. मन को प्रभु में लगाना जरूरी है.
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