ईरान और अमेरिका के बीच 60 दिनों के युद्धविराम के बाद कच्चे तेल की कीमतों में राहत मिली है. हालांकि CRISIL का कहना है कि मिडिल ईस्ट में तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और आने वाले महीनों में हालात पर नजर बनी रहेगी.
अमेरिका-ईरान समझौते की खबर के बाद वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट आई है. ब्रेंट क्रूड 84 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया है, जिससे भारत जैसे बड़े आयातक देशों को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है.
कच्चे तेल की कीमतों में 10 प्रतिशत की तेज बढ़त के बाद दाम 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं. होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ते तनाव ने वैश्विक बाजार में चिंता बढ़ा दी है.
Apple ने अपने कई प्रोडक्ट्स के दाम बढ़ा दिए हैं. माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में iPhone की कीमत भी बढ़ सकती है. ऐसे में रिफर्बिश्ड मार्केट की डिमांड बढ़ने की संभावना जताई जा रही है.