Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, जो सुख भोगता है, उसे दुःख भोगना ही पड़ता है। जिसके सिर पर भगवान की जगह अभिमान बैठा है, वह बहुत दुःख पाता है। जो ईश्वर का उपकार भूलता...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, सांसारिक काम करते-करते परमात्मा को भूल न जाएं इसका हम सबको हमेशा ख्याल रखना चाहिए। हम लोग दुःखी हैं क्योंकि हम लोग परमात्मा को भूल गए हैं, उनके उपकार...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, रात्रि का पूर्ण अन्धकार है, बेड़ियां, हथकड़ियां लगी हुई थी। हाथ को हाथ दिखाई नहीं दे रहा था। देवकी जी वासुदेव से कहती हैं, हमें भी कभी इन बेड़ियों,...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, भगवान श्री सीताराम जी के विवाह में प्रधान रूप से पांच प्रसंग बताये गये हैं। नगर दर्शन लीला, पुष्प वाटिका, धनुष यज्ञ, परशुराम संवाद और श्री सीताराम विवाह। नगर...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, भगवान श्री राम चारों भाई गुरुकुल में विद्या अध्ययन करते हैं। अध्ययन सम्पूर्ण होने के बाद अयोध्या में एक ही चर्चा है कि चारों भाइयों का विवाह कहां होगा?...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, प्रभु श्री राम की बाल लीलाओं में प्रसिद्ध बाल लीला है। जब प्रभु श्री राम बहुत छोटे थे, मां ने दूध पिलाकर उनको पालने में सुला दिया। अयोध्या के...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, प्रभु श्रीराम का चार रूप में अवतार हुआ श्रीराम,लक्ष्मण,भरत और शत्रुघ्न। भारतीय संस्कृति में १६ संस्कार बताये गये हैं। बालक का संयोग होना भी एक संस्कार के रूप में...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, एक हजार चतुर्युगी का एक कल्प होता है, इसमें किसी न किसी त्रेता में प्रभु श्री राम का अवतार होता है। श्रीरामचरितमानस में चार कल्पों की कथा है। एक...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, जीवन में यदि समता है तो समझो आप शरीर से भी स्वस्थ हैं, मन से भी स्वस्थ हैं। जीवन में समता नहीं तो आप न शरीर से स्वस्थ होंगे...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, यह आवश्यक नहीं है कि व्यक्ति जिस क्षेत्र में काम करे उसे उसमें तुरन्त ही सफलता प्राप्त हो। प्रत्येक व्यक्ति जिस काम को करता है, उसमें पूर्ण रूप से...