फरवरी 2026 में भारत का कुल निर्यात (वस्तु और सेवा) सालाना आधार पर 11.05 प्रतिशत बढ़कर 76.13 अरब डॉलर हो गया. सेवाओं के निर्यात में तेज वृद्धि इसका प्रमुख कारण रही.
भारत में थोक मूल्य सूचकांक (WPI) आधारित महंगाई दर फरवरी 2026 में बढ़कर 2.13 प्रतिशत हो गई. खाद्य उत्पादों, गैर-खाद्य वस्तुओं और मैन्युफैक्चरिंग कीमतों में वृद्धि इसकी प्रमुख वजह रही.
एसबीआई रिसर्च के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 8–8.1 प्रतिशत रह सकती है. मजबूत घरेलू मांग और खपत के कारण अर्थव्यवस्था ने वैश्विक चुनौतियों के बावजूद गति बनाए रखी है.
ICRA की रिपोर्ट के मुताबिक FY26 की तीसरी तिमाही में भारत के कैपेक्स में 23.4% गिरावट आई. हालांकि राज्यों के बढ़े खर्च और त्योहारी मांग से अर्थव्यवस्था को सहारा मिल सकता है.
केंद्र सरकार ने Startup India Fund of Funds 2.0 के तहत 10,000 करोड़ रुपये के फंड को मंजूरी दी है. इस योजना का उद्देश्य स्टार्टअप्स को पूंजी, नवाचार और रोजगार सृजन में मदद देकर भारत को वैश्विक स्टार्टअप हब बनाना है.
जुलाई 2025 के CPI डेटा में खुदरा महंगाई दर 1.55% दर्ज हुई, जो पिछले 8 वर्षों में सबसे कम है. खाने-पीने की वस्तुओं की कीमतों में गिरावट से आम जनता को बड़ी राहत मिली. खाद्य महंगाई दर 2019 के बाद न्यूनतम स्तर पर पहुंची.
कोविड-19 महामारी के बाद भारत में आर्थिक असमानता के मुद्दे पर गहन बहस छिड़ी हुई है. विपक्षी दलों सहित आलोचक अक्सर अडानी ग्रुप और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसे कॉर्पोरेट दिग्गजों की बढ़ती संपत्ति की ओर इशारा करते हुए तर्क देते...