India GDP growth FY26 Q3: एसबीआई रिसर्च की एक रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2025–26 की तीसरी तिमाही में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 8 से 8.1 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान है. रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद देश की घरेलू अर्थव्यवस्था ने मजबूत गति बनाए रखी है. उच्च-आवृत्ति गतिविधि से जुड़े संकेतकों से भी पता चलता है कि अक्टूबर-दिसंबर 2025 की अवधि में आर्थिक गतिविधियां काफी सशक्त बनी रहीं.
ग्रामीण और शहरी खपत से मिली ताकत
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के ग्रुप चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर डॉ. सौम्य कांति घोष ने कहा, ग्रामीण खपत मजबूत बनी हुई है, जिसे कृषि और गैर-कृषि गतिविधियों से सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं. राजकोषीय प्रोत्साहन (फिस्कल स्टिम्युलस) के समर्थन से शहरी खपत में भी पिछले त्योहारी सीजन से लगातार सुधार देखा जा रहा है. पहले अग्रिम अनुमान के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 में जीडीपी वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जिसमें वृद्धि का मुख्य आधार घरेलू मांग है.
बदलेगा GDP का आधार वर्ष
भारत अपनी जीडीपी की गणना का आधार वर्ष 2011–12 से बदलकर 2022–23 करने जा रहा है, जिसकी नई श्रृंखला 27 फरवरी को जारी की जाएगी. इस बदलाव के साथ उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) के आधार वर्ष को भी 2024 में अपडेट किया जाएगा, ताकि वर्तमान आर्थिक संरचना को अधिक सटीक रूप से दर्शाया जा सके, जिसमें डिजिटल कॉमर्स और सेवा क्षेत्र की बढ़ती भूमिका शामिल है. नई पद्धति में अनौपचारिक क्षेत्र के बेहतर आकलन के साथ जीएसटी जैसे आधुनिक डेटा स्रोतों को भी शामिल किया जाएगा. इससे देश की अर्थव्यवस्था की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी और भारत के दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरने की संभावना मजबूत हो सकती है.
नई डेटा सीरीज और अनुमान
रिपोर्ट में कहा गया है, महत्वपूर्ण पद्धतिगत बदलाव और नई डेटा सीरीज जारी होने के कारण संशोधन की सीमा का अनुमान लगाना कठिन है. नई पद्धति में जीएसटी रिकॉर्ड, ई-वाहन (वाहन पंजीकरण) और प्राकृतिक गैस खपत जैसी अधिक विस्तृत जानकारियों को शामिल किया जाएगा. FY25-26 के लिए जीडीपी के दूसरे अग्रिम अनुमान और पिछले तीन वित्त वर्षों के जीडीपी आंकड़े, साथ ही 2022-23 आधार वर्ष के अनुसार तिमाही जीडीपी अनुमान 27 फरवरी को जारी किए जाएंगे.
वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत की स्थिति
ताजा आर्थिक सर्वेक्षण के मुताबिक भारत की संभावित GDP वृद्धि दर लगभग 7% आंकी गई है, जबकि FY27 में इसके 6.8 से 7.2% के बीच रहने का अनुमान है. इस दौरान वैश्विक अर्थव्यवस्था अनिश्चितताओं से घिरी हुई है. वर्ष 2025 और 2026 में वैश्विक वृद्धि दर करीब 3.3% रहने की संभावना जताई गई है, लेकिन भू-राजनीतिक तनाव, बढ़ते कर्ज और डिजिटलीकरण तथा डीकार्बोनाइजेशन जैसे संरचनात्मक बदलावों के कारण विभिन्न क्षेत्रों में विकास दर असमान बनी रह सकती है.
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