नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ शेयर बाजार पर कई अहम फैक्टर्स का असर रहेगा. ऑटो सेल्स, GST डेटा, कच्चे तेल की कीमत और FII के रुझान बाजार की दिशा तय करेंगे.
डिजिटल NBFC सेक्टर ने FY26 के पहले 9 महीनों में 9.9 करोड़ पर्सनल लोन बांटे. रिपोर्ट के मुताबिक, लोन वितरण में तेजी और बाजार में मजबूत ग्रोथ देखी गई है.
एसबीआई रिसर्च के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 8–8.1 प्रतिशत रह सकती है. मजबूत घरेलू मांग और खपत के कारण अर्थव्यवस्था ने वैश्विक चुनौतियों के बावजूद गति बनाए रखी है.