एसबीआई रिसर्च के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 8–8.1 प्रतिशत रह सकती है. मजबूत घरेलू मांग और खपत के कारण अर्थव्यवस्था ने वैश्विक चुनौतियों के बावजूद गति बनाए रखी है.
ICRA की रिपोर्ट के मुताबिक FY26 की तीसरी तिमाही में भारत के कैपेक्स में 23.4% गिरावट आई. हालांकि राज्यों के बढ़े खर्च और त्योहारी मांग से अर्थव्यवस्था को सहारा मिल सकता है.
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की एक हालिया शोध रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में जीएसटी दरों को तर्कसंगत बनाने से सरकार को ₹3,700 करोड़ का न्यूनतम राजस्व नुकसान हो सकता है. यह विश्लेषण जीएसटी परिषद की 56वीं...