FSSAI स्कूल कैंपस और उसके 50 मीटर के दायरे में HFSS फूड की बिक्री पर रोक लगाने की तैयारी कर रहा है. प्रस्ताव में चिप्स, कोल्ड ड्रिंक्स और ज्यादा फैट, शुगर व नमक वाले खाद्य पदार्थ शामिल हैं.
बेंगलुरु के सहकारनगर स्थित चेयरमैन्स क्लब की रसोई में खाद्य सुरक्षा से जुड़ी गंभीर खामियां मिलने के बाद विभाग ने किचन को सील कर दिया. जांच में 40 किलो एक्सपायरी मिर्च, कॉकरोच और अनुमति नहीं वाले केमिकल रंग मिले.
दिल्ली एयरोसिटी के अंदाज दिल्ली और जेडब्ल्यू मैरियट में एफएसएसएआई की जांच के दौरान खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़ी गंभीर खामियां सामने आईं. अंदाज में 87 किलो एक्सपायर्ड मिठाइयां मिलीं, जबकि जेडब्ल्यू मैरियट में 59 कमियां दर्ज की गईं.
FSSAI ने गुमराह करने वाले विज्ञापनों, झूठे दावों और लेबलिंग नियमों के पालन में कमी को लेकर नेस्ले, पेप्सिको, कोका-कोला समेत कई बड़े ब्रांड्स को 150 से ज्यादा नोटिस जारी किए हैं.
कर्नाटक सरकार के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने QR कोड आधारित शिकायत प्रबंधन प्रणाली शुरू की है. इसके जरिए दवा, फार्मेसी, होटल, रेस्टोरेंट और खाद्य सुरक्षा से जुड़ी शिकायतें आसानी से दर्ज की जा सकेंगी.
Food Safety: बेंगलुरु ईस्ट सिटी कॉरपोरेशन ने PG, हॉस्टल, होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट की सुरक्षा, साफ-सफाई और खाद्य स्वच्छता को लेकर जांच अभियान शुरू करने के निर्देश दिए हैं. अधिकारियों को 7 दिनों में जांच पूरी करने को कहा गया है.
Analog Paneer Ban: मध्य प्रदेश में एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध की घोषणा के बाद यह मुद्दा चर्चा में है. जानिए एनालॉग पनीर क्या होता है, इसमें क्या इस्तेमाल किया जाता है और असली पनीर से यह कैसे अलग है.
Zepto Warehouse Seal: कर्नाटक के होसकोटे में Zepto के निप्पॉन एक्सप्रेस यूनिट के अचानक निरीक्षण में गंदगी, गलत लेबलिंग और खाद्य सामान के रखरखाव में कमियां मिलीं. इसके बाद वेयरहाउस सील कर दिया गया और ₹25 हजार का जुर्माना लगाया गया.
Fake Paneer Ban: महाराष्ट्र में खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने नकली (नॉन-डेयरी) पनीर पर एक साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया है. होटल, रेस्टोरेंट, कैटरिंग सर्विस और क्लाउड किचन में भी इसके इस्तेमाल पर रोक रहेगी.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को प्रसिद्ध तमिल कृति ‘तिरुक्कुरल’ का रूसी अनुवाद भेंट किया. 133 अध्यायों और 1,330 दोहों वाली इस रचना का संबंध भारत और रूस के पुराने साहित्यिक जुड़ाव से भी बताया जाता है.